गोरखपुर शहर में चल रहे अवैध निर्माण के खिलाफ गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की। टीम ने रुस्तमपुर, तारामंडल और मेडिकल रोड क्षेत्र की सात व्यावसायिक इमारतों को सील कर दिया।
अचानक हुई इस सख्ती से निर्माण करा रहे आसपास के लोगों में भी हड़कंप मच गया। कार्रवाई से बचने के लिए दो भवन मालिकों ने शमन मानचित्र स्वीकृत कराने पर सहमति जताते हुए शमन शुल्क के तौर पर 10-10 लाख रुपये एडवांस में जमा भी कर दिए।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह के निर्देश पर अधिशासी अभियंता किशन सिंह के नेतृत्व में जीडीए की प्रवर्तन टीम सुबह ही अनधिकृत निर्माण की जांच के लिए निकली। टीम ने पहले तारामंडल क्षेत्र के निर्माण की जांच की। इस दौरान टीम ने बुद्ध विहार व्यावसायिक में सत्यभामा देवी द्वारा 500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में निर्मित चार मंजिला व्यावसायिक भवन को सील कर दिया।
इसी क्षेत्र में सादिका पांडेय द्वारा भूतल एवं प्रथम तल पर 400 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा था। इसे भी सील कर दिया गया। आदित्य चौबे द्वारा 500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में कराए जा रहे चार मंजिला व्यावसायिक भवन को भी सील किया गया।
इसी तरह रुस्तमपुर आजाद चौक और मेडिकल रोड पर भी अवैध निर्माण मामले में कार्रवाई की गई। कार्रवाई करने वाली टीम में सहायक अभियंता कुंज बिहारी, अजीत कुमार, अवर अभियंता रमापति वर्मा, सत्यप्रकाश चौधरी, पद्माकर मिश्रा, मनीष त्रिपाठी, अभय श्रीवास्तव आदि शामिल रहें।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि इस तरह का अभियान आगे भी जारी रहेगा। जनता से अपील है कि वे बिना मानचित्र स्वीकृत कराए या शमन कराए बिना निर्माण न कराए। जांच के दौरान ऐसे निर्माण को सील या ध्वस्त करा दिया जाएगा। जिनकी इमारतें सील हुई हैं उन्हें शमन कराना होगा।