इंजीनियरिंग कॉलेज क्षेत्र के प्रवीण को खुजली की शिकायत थी। कई बार मेडिकल स्टोर से मलहम लेकर लगाया, लेकिन ठीक नहीं हुआ। नतीजा यह हुआ कि पूरे परिवार को खुजली और दाद की शिकायत हो गई। आरोग्य मेले में जांच के बाद डॉक्टरों ने दवा दी।
खांसी की जांच कराई तो निकली टीबी
करीमनगर के रहने वाले मुजाहिद को करीब तीन सप्ताह से खांसी आ रही थी। मेडिकल स्टोर से कई बार दवा लेकर खाए तो कुछ दिनों तक राहत मिली। अचानक वजन घटने लगा तो आरोग्य मेले में जांच कराई। पता चला कि उन्हें टीबी है। यही नहीं उनके परिवार के एक और सदस्य को भी टीबी की बीमारी निकली है।
जानकारी के अभाव में हो गया कैंसर
चंद्रगुप्त नगर निवासी राम कृपाल के दांतों में सड़न की शिकायत थी। आसपास के डॉक्टरों को दिखाया तो आराम नहीं हुआ। लोगों ने बड़े अस्पताल में दिखाने की सलाह दी, लेकिन रामकृपाल ने डॉक्टरों की बातों को नजरअंदाज कर दिया। आरोग्य मेले में जांच हुई तो शुरूआती लक्षण माउथ कैंसर के मिले हैं।
एक माह के अंदर चार मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन होता है। अब तक हुए पांच आरोग्य मेले में 11 कैंसर के रोगी मिले हैं। जबकि 160 ऐसे मरीज मिले हैं, जिनको बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने की सलाह डॉक्टरों ने दी है। इनमें अधिकतर को सर्जरी करानी है। जबकि कइयों को न्यूरो की दिक्कत है। चिकित्सकों ने आगाह किया है कि अगर लापरवाही बरती तो जान पर आ सकती है।
एक नजर आंकड़ों पर
तिथि कुल मरीज लिवर चर्म रोग बच्चे
10 जनवरी 4557 181 632 605
17 जनवरी 4413 140 594 572
24 जनवरी 4510 205 297 604
31 जनवरी 3919 126 504 590
07 फरवरी 4480 151 670 595
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में गंभीर बीमारियों के मरीज मिल रहे हैं। सबसे अधिक मरीज चर्म रोग और पेट की बीमारी के आ रहे हैं। इन्हें सलाह दी जा रही है कि बराबर चिकित्सकों से सलाह लेते रहें। वरना खुद के साथ पूरे परिवार को भी बीमार बना सकते हैं।