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गोरखपुर में लगातार बढ़ रही है कोरोना से मौतों की संख्या, स्वास्थ्य विभाग ने बदली रणनीति

Wed, 14 Oct 2020 06:44 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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corona - फोटो : पीटीआई
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कोरोना संक्रमित मरीजों की मौतों को रोकने के लिए विभाग ने रणनीति में बदलाव किया है। अब संक्रमित गंभीर मरीज कोविड लेवल टू और थ्री के अस्पतालों में भर्ती होंगे। इतना ही नहीं गंभीर मरीज रैपिड रिस्पांस टीम की सहमति के बिना होम आइसोलेशन में रह भी नहीं सकेंगे।

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अगर कोई जबरदस्ती होम आइसोलेशन में रहता है तो टीम इसकी जानकारी संबंधित एसडीएम को देगी। इसके बाद प्रशासन की देखरेख में मरीज को कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज, 100 बेड टीबी अस्पताल सहित रेलवे अस्पताल में लेवल-टू और थ्री के बेड बनाए गए हैं। इनके अलावा कुछ निजी अस्पतालों में भी लेवल टू और थ्री के बेड बनाए गए हैं। शुरुआती दिनों में बेड की समस्या ज्यादा थी। ऐसे में मरीजों को बेड के लिए परेशान होना पड़ता था। लेकिन मौजूदा समय में बेड की समस्या दूर हो गई है।
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रैपिड रिस्पांस टीम पर कमिश्नर जता चुके हैं नाराजगी

ऐसे में अब प्रशासन ने यह फैसला लिया है कि अब होम आइसोलेशन में रहने वाले गंभीर मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार कोविड लेवल टू और थ्री में भर्ती कराया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी रैपिड रिस्पांस टीम को दी गई है। सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि गंभीर मरीजों को किसी भी हाल में होम आइसोलेशन में नहीं रहने दिया जाएगा। रैपिड रिस्पांस टीम को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।

कमिश्नर रैपिड रिस्पांस टीम पर पहले भी नाराजगी जता चुके हैं। टीम पर होम आइसोलेशन के दौरान मरीजों के घर न जाने के आरोप लग चुुके हैं। ऐसे में इस बार सख्त निर्देश दिया गया है कि अगर कोई भी मरीज होम आइसोलेशन के दौरान जान गवाता है तो संबंधित टीम पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यही वजह है कि अब टीम जिसको होम आइसोलेशन के लिए कहेगी। वहीं मरीज होम आइसोलेशन में रह सकेंगे।
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