राजघाट अंत्येष्टि स्थल पर अब अस्थि कलशों को सुरक्षित रख सकेंगे। मेयर सीताराम जायसवाल के प्रयास से इंफोर्समेंट टीम के प्रभारी कर्नल सीपी सिंह ने यहां लकड़ी के तीन लॉकरों का निर्माण कराया है। यह व्यवस्था पूरी तरह से निशुल्क होगी।
दरअसल अग्रवाल समाज में ऐसी परंपरा है कि किसी भी व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने के बाद अंत्येष्टि स्थल पर ही 3 दिनों तक अस्थि कलश रखा जाता है। लेकिन नगर निगम की ओर से निर्मित राजघाट अंत्येष्टि स्थल पर ऐसे अस्थि कलशों को सुरक्षित रखने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इस संबंध में अग्रवाल समाज की ओर से मेयर सीताराम जायसवाल को जानकारी देने के साथ ही राजघाट अंत्येष्टि स्थल के पास इन अस्थि कलश को सुरक्षित रखने के लिए लॉकर के निर्माण की मांग की गई थी।
मेयर के निर्देश पर नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने इंफोर्समेंट टीम के प्रभारी कर्नल सीपी सिंह को इसे बनवाने की जिम्मेदारी दी। कर्नल सीपी सिंह ने इसे अपने खर्चे पर बनवाने का निर्णय लिया और यहां नौ लकड़ी के लॉकर बनवाए। मोहम्मद फैज और महेंद्र मद्धेशिया नाम के व्यक्ति ने भी अपनी ओर से सहायता राशि देकर निर्माण कराया। कर्नल सीपी सिंह ने बताया कि अग्रवाल समाज के कोई भी व्यक्ति अपने किसी भी परिजन के अस्थि कलश को इन लॉकर में आसानी से रख सकेगा। ताला चाबी उसी का होगा। अपने समाज के नियमानुसार निर्धारित तिथि पर अस्थि कलश को ले जाकर विसर्जित कर सकेंगे।