मंदिर की त्रिस्तरीय सुरक्षा में आधुनिक यंत्र लगाए गए हैं। सभी मुख्य प्वाइंट एंट्री गेट को एटीएस ने अपने निगरानी में ले लिया है। एटीएस के 40 कमांडो मंदिर परिसर को एक घेरा बनाकर सुरक्षा करेंगे वहीं, टावर पर स्नैपर भी रहेंगे जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर निशाना लगाने में सक्षम होंगे। इसके अलावा एसपी सिटी ने पुलिस कर्मियों की एक टीम को गोरखा से ट्रेंड कराया था। यह टीम दूसरे लेयर की सुरक्षा संभालेगी। जबकि तीसरे लेयर पर मेला ड्यूटी की फोर्स मुस्तैद रहेगी।
मंदिर सुरक्षा एक नजर में
| नए योजना में होगी तैनाती |
वर्तमान में तैनाती |
| एडिशनल एसपी: 6 |
एक |
| सीओ: 20 |
एक |
| इंस्पेक्टर: 75 |
दो |
| सब इंस्पेक्टर: 400 |
35 |
| एमएसआई: 48 |
0 |
| कांस्टेबल: 1,427 |
135 |
| पीएसी: तीन कंपनी और एक प्लाटून |
दो कंपनी, एक प्लाटून |
जब सीरियल ब्लास्ट से दहल गया था गोरखपुर
गोरखपुर शुरू से आतंकियों के निशाने पर रहा है। 1993 में मेनका टॉकिज में बम ब्लास्ट हुआ था। 2007 के दौरान शहर के सबसे व्यस्ततम बाजार गोलघर में सीरियल ब्लास्ट ने सबको हिला दिया था। इस ब्लास्ट में पाकिस्तान कनेक्शन भी सामने आया था। लिहाजा, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहती हैं।