आरक्षण काउंटर पर मुंबई और दिल्ली जाने वाले यात्रियों की भीड़ सबसे अधिक है। भोर से ही लाइन में लगने के बाद भी यात्रियों के हाथ निराशा लग रही है। सुबह 10 बजे जैसे ही तत्काल टिकट के लिए काउंटर पर यात्री जा रहे हैं, 10 बजकर एक मिनट तक काउंटर से केवल एक यात्री को ही टिकट मिल पा रहा है। महज 60 सेकेंड के अंदर ऑनलाइन तत्काल टिकट बुक हो जा रहे हैं।
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काठगोदाम और दून एक्सप्रेस के हर दिन 400 टिकट हो रहे कैंसिल
भीषण गर्मी में अधिकांश लोग पहाड़ों का रूख कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में मुंबई, दिल्ली के बाद सबसे अधिक भीड़ काठगोदाम और बाघ एक्सप्रेस में हो रही है। इन दोनों ट्रेनों में जगह न मिलने की वजह से हर दिन 400 से अधिक टिकट कैंसिल हो रहे हैं। काठगोदाम जाने वाली मात्र एक ट्रेन बाघ एक्सप्रेस हावड़ा से पहले ही पूरी तरह से पैक होकर चलती है। जबकि, गोरखपुर से देहरादून जाने वाली सप्ताह में दो दिन बुधवार और शुक्रवार को चलती है।
इस ट्रेन की स्थिति ऐसी है कि इस समय 25 से 30 गुना सीट की डिमांड है। इसके अलावा राप्तीनगर गंगा एक्सप्रेस जो देहरादून तक जाती है, उसकी भी स्थिति बेहद खराब है। इन तीनों ट्रेनों में किसी भी श्रेणी में यात्रियों को टिकट नहीं मिल पा रहा है।
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किसी तरह अगर यात्री का टिकट स्लीपर कोच में कन्फर्म हो जा रहा है, तो उसे काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। स्लीपर कोच की स्थिति जनरल कोच की तरह हो जा रही है। इसमें घुसना और अपनी सीट तक पहुंच पाना आसान नहीं है।
पूर्वोत्तर रेलवे सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। मुंबई जाने वाली ट्रेनों के फेरे भी बढ़ाए गए हैं। यात्रियों की संख्या अधिक है। इसे देखते हुए ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।