राजस्थान से आए युवक से लूट के मामले में निलंबित पांच पुलिसकर्मियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उनकी तलाश तेज कर दी गई है। वहीं, राजेश चौधरी और सुभाष यादव के खिलाफ अब एनबीडब्ल्यू (नॉन-बेल एरस्ट वारंट) जारी हो गया है। जबकि तीन के खिलाफ की प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि ये अधिकारी सरेंडर नहीं करते तो उनके खिलाफ इनाम और कुर्की की नोटिस जारी करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। मामला गीडा थाना क्षेत्र के पिछौरा गांव निवासी रवि शंकर शुक्ला का है, जो राजस्थान में रहते हैं और किसी काम से घर आए थे। आरोप है कि उनके साथ 90 हजार रुपये की लूट हुई।
रविशंकर की तहरीर पर राजघाट थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। जांच में पांच पुलिसकर्मियों का नाम सामने आया। एसएसपी के आदेश पर एसपी सिटी अभिनव त्यागी के नेतृत्व में जांच के आधार पर सभी पांचों को निलंबित कर दिया गया।
जांच में पूर्व चौकी इंचार्ज शुभम श्रीवास्तव, महिला दरोगा आंचल, सिपाही प्रवीण यादव, राजेश चौधरी और सुभाष यादव के नाम सामने आए थे। निलंबित पुलिसकर्मियों ने हाईकोर्ट का रुख किया और खुद को निर्दोष बताया। साथ ही रविशंकर पर फंसाने का आरोप लगाया। हाईकोर्ट ने शुरुआती स्टे के दौरान उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी लेकिन बाद में स्टे निरस्त कर पुलिस को कार्रवाई की अनुमति दी गई।
पीड़ित रविशंकर ने आरोप लगाया कि निलंबित पुलिसकर्मियों ने सुलह या प्राथमिकी वापस लेने के लिए धमकाया। इसके आधार पर गीडा थाने में उनके खिलाफ अतिरिक्त प्राथमिकी दर्ज की गई। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि राजेश चौधरी और सुभाष यादव पर एनबीडब्ल्यू जारी हो चुका है, जबकि बाकी तीन पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कोशिश कर रही है।