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विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में 'अनामिका' की तलाश से मचा हड़कंप, कहीं आप भी तो जांच के दायरे में नहीं

Wed, 01 Jul 2020 09:35 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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अनामिका शुक्ला (file) और गोरखपुर विश्वविद्यालय गेट। - फोटो : अमर उजाला।
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शासन ने अब विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में भी 'अनामिका शुक्ला' की तलाश शुरू कर दी है। उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जाएगा। शासन के आदेश आने के बाद विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में हड़कंप मच गया है।

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उच्च शिक्षण संस्थानों में पहली बार ऐसा हो रहा है कि हाल की नियुक्तियां ही नहीं बल्कि जांच के दायरे में सेवारत सभी शिक्षक हैं। क्षेत्रीय उच्चशिक्षाधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी 31 जुलाई तक अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराएगी।  

गोरखपुर विश्वविद्यालय, आठ राजकीय महाविद्यालय और 21 अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षणिक व आरक्षण के लिए लगे प्रमाणपत्रों की जांच तो होगी ही, देखा जाएगा कि संबंधित बोर्ड से सत्यापन में खेल तो नहीं किया गया। जांच टीम में उच्च शिक्षाधिकारी को सचिव बनाया गया है जबकि पुलिस और प्रशासन से एक-एक अधिकारी को शामिल किया जाएगा।

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इन बिंदुओं की होगी जांच

गोविवि के कुलपति प्रो वीके सिंह ने बताया कि कुलसचिव के पास शासन से पत्र आया है। शासन की मंशा के अनुरूप कमेटी बनाकर सभी शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच कराई जाएगी।
  • वर्तमान में कार्यरत शिक्षक का नाम चयन के समय सूची में था कि नहीं।
  • कोषागार के माध्यम से वेतन सूची से क्रॉस चेक कराया जाएगा कि वर्तमान में कार्यरत शिक्षक मेरिट सूची में चयनित शिक्षक ही है।
  • शिक्षक किसी दूसरे के अंक पत्र व प्रमाण पत्र पर नौकरी तो नहीं कर रहा है।
  • अंक पत्रों व प्रमाण पत्रों का संबंधित बोर्ड से पूर्व में सत्यापन हुआ कि नहीं, अगर नहीं तो सत्यापन कराया जाए।
  • आरक्षित सभी वर्गों के शिक्षकों के सभी प्रमाण पत्रों (आरक्षण के लिए लगाए गए प्रमाण पत्र) का दोबारा परीक्षण कराकर सत्यापन कराया जाए।
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