प्रमोद यादव, भगवानदास उर्फ मुन्ना, जयगोविंद, ओमप्रकाश, प्रिंस, प्रीतम यादव, शक्ति उर्फ राजू, संदीप यादव व लक्ष्मण यादव पर केस दर्ज किया गया है। सभी को मारपीट, हत्या की कोशिश, बलवा और धमकी देने का आरोपी बनाया गया है।
विभाग को लिखा गया पत्र
एसएसपी ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी सरकारी विभाग में है। विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेज दिया गया। वहीं, लखनऊ में तैनात सिपाही पर भी कार्रवाई के लिए गोरखपुर पुलिस की ओर से पत्र भेजा गया है।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद खुलेगा पिस्टल का राज
खजनी इलाके में भूमि विवाद के दौरान दो लोगों को गोली मारी गई थी। गोली लाइसेंसी पिस्टल या बंदूक से मारी गई, इसकी जांच पुलिस कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया था कि 9 एमएम की पिस्टल से गोली मारी गई, लेकिन अब पुलिस .32 बोर के पिस्टल से गोली मारी गई, जो सरकारी नहीं हो सकती है। एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह का कहना है कि मुख्य आरोपी प्रमोद यादव के पकड़े जाने के बाद ही पिस्टल बरामद हो सकेगी। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि पिस्टल लाइसेंसी है या फिर अवैध। गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
मऊधरमंगल गांव में सन्नाटा, पुलिस तैनात
घटना के बाद से ही आरोपी पक्ष के लोग गांव छोड़कर भाग गए हैं। इससे मऊधरमंगल गांव में सन्नाटा है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों पक्षों में जबरदस्त तनाव है। फिर बवाल की आशंका है। आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि खजनी इलाके में दो पक्षों के बीच बवाल के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर मुख्य आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में लापरवाही पाए जाने पर तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। अन्य नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है।