मारपीट का वीडियो हुआ था वायरल।
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अधीक्षण अभियंता संग दुर्व्यवहार मामले की जांच के लिए मुख्य अभियंता एके सिंह ने दो अधीक्षण अभियंताओं की टीम गठित की है। एसई ने मामले में बिजली निगम के चार कर्मचारियों और एक बाहरी व्यक्ति पर आरोप लगाया है। टीम को मामले की जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट सौंपनी है। इसी आधार पर पांचों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने शुक्रवार को मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने मजदूर पंचायत संगठन के सेवानिवृत्त बिजली कर्मचारी ईस्माइल खान, परीक्षण खंड के अरूण गुप्ता, नगरीय वितरण मंडल चतुर्थ दयानंद, तकनीकी कर्मचारी अशोक कुशवाहा और संगठन के क्षेत्रीय सचिव संदीप कुमार श्रीवास्तव (जो किसी पद पर नहीं है) के खिलाफ आरोप लगाए हैं।
आरोप के अनुसार बृहस्पतिवार को संगठन के चार सदस्यों को वार्ता के लिए बुलाया गया था। बैठक में अपनी मांगों को जबरदस्ती मनवाने के लिए संगठन के पदाधिकारियों ने दबाव बनाना शुरू किया। विरोध करने और संगठन के पदाधिकारियों की मांगें नहीं मानने पर उन्होंने उनके (एसई) संग अमर्यादित व्यवहार शुरू कर दिया।
दरअसल, बृहस्पतिवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय में विद्युत मजदूर पंचायत संगठन के पदाधिकारियों ने अपनी मांग के लिए वार्ता का समय लिया था। इसी बीच एसई और मजदूर पंचायत संगठन के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि इस दौरान नौबत हाथापाई तक की आ गई थी। लेकिन, अभियंताओं और अन्य कर्मचारियों की वजह से मजदूर पंचायत वाले कर्मचारी नेता एसई पर हावी नहीं हो सके।
जांच के बाद लिखा जाएगा मुकदमा
मुख्य अभियंता एके सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ये तरीका निगम या सरकारी सेवाओं की नियमावली में नहीं आता है। अपने ही विभाग के शीर्ष अधिकारी पर दबाव बनाते हुए उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट का प्रयास करने जैसी हरकत को हल्के में नहीं लिया जाएगा। पूरे मामले की जांच रिपोर्ट के बाद उसी आधार पर मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। विभागीय कार्रवाई के लिए नियमानुसार जांच रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई हेतु पत्र लिखा जाएगा।