इस पर मंतोष ने बताया कि उसके पास जमा बिल की सारी रसी है, अगर बकाया है तो लिखित दें। आरोप है कि इस पर एसडीओ ने कहा कि बाहर बैठे लिपिक संदीप से मिल लो। इसी के बाद रुपये की मांग शुरू हो गई। बाद में एसडीओ ने कहा कि 25 हजार रुपये नहीं दिए तो मीटर चार्ज कर दूंगा। शिकायत पर भी केवल लिपिक पर कार्रवाई हुई। मंतोष ने पोर्टल पर की शिकायत में कहा है कि पूरे घटनाक्रम का वीडियो और ऑडियो उसके पास है जो एंटी करप्शन की टीम को भी दिया है लेकिन, विभाग भ्रष्टाचारी अधिकारी को बचाने में जुटा है।
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तहरीर में भी लिखी थी पूरी घटना
मंतोष की तहरीर पर तिवारीपुर थाने में केस दर्ज किया गया था। इसमें भी उसने पूरी घटना और एसडीओ का जिक्र किया है। उसने आशंका जताई है कि कहीं इस मामले में लीपापोती न कर दी जाए। इसी डर से 20 नवंबर को पूरा घटनाक्रम मुख्यमंत्री पोर्टल पर साझा करते हुए ऊर्जा मंत्री से कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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एंटी करप्शन प्रभारी संतोष दिक्षित ने कहा कि मुकदमे और गिरफ्तारी के पहले ही जांच में उपभोक्ता ने सभी वीडियो और फुटेज दिखाए थे। इसमें एसडीओ और अन्य के साथ ऑडियो- वीडियो भी जांच टीम के पास है। एसडीओ की भी संलिप्तता लग रही है। विभाग भी अपने स्तर से मामले की जांच कर सकता है।