वैज्ञानिक, सेवानिवृत्त आईएएस-आईपीएस व उद्योग जगत के विशेषज्ञ होंगे अर्ह
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एडजंक्ट प्रोफेसर नियुक्त किए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। वर्तमान समय की जरूरतों और यूजीसी के दिशा-निर्देशों को देखते हुए डीडीयू प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
डीडीयू प्रशासन सैद्धांतिक ज्ञान के साथ ही छात्रों को व्यावहारिक और औद्योगिक अनुभवों से जोड़ने के लिए यह पहल करने जा रहा है। इसके तहत ''''''''एडजंक्ट फैकल्टी'''''''' के चयन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। कुलपति ने इस संबंध में नियम एवं प्रक्रिया का विस्तृत विवरण इस सप्ताह तक तैयार करने का निर्देश दिया है। पिछले दिनों ही प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू हुई थी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों की रोजगार क्षमता में सुधार करना और उद्योग व शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है। विशेषज्ञ न केवल कक्षाएं लेंगे बल्कि नए पाठ्यक्रमों के विकास, कार्यशालाओं के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण और पीएचडी छात्रों के सह पर्यवेक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इन क्षेत्रों के विशेषज्ञ बनेंगे एडजंक्ट प्रोफेसर
अनुसंधान संस्थानों (आईसीएआर, सीएसआईआर, आईसीएमआर) के वैज्ञानिकों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के पेशेवरों, सेवानिवृत्त आईएएस/आईपीएस अधिकारियों और उद्योग जगत के कुशल विशेषज्ञों को शिक्षण कार्य से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, विदेशी संस्थानों से जुड़े प्रवासी भारतीय भी इस पैनल का हिस्सा बन सकेंगे।
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विद्यार्थियों को समय और समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए शिक्षण प्रक्रिया में पेशेवर विशेषज्ञों का भी मार्गदर्शन मिल सके, इसके लिए एडजंक्ट फैकल्टी की नियुक्ति की जाएगी। इससे विद्यार्थियों के ज्ञान और कौशल दोनों में वृद्धि होगी।