कोरोना संक्रमण के चलते बंद चल रहे परिषदीय और माध्यमिक स्कूल बृहस्पतिवार को एक बार फिर 71 दिनों बाद गुलजार नजर आए। स्कूल में पहला दिन अमूमन साफ-सफाई समेत अन्य प्रशासनिक कार्यों के नाम रहा।
कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए शासन ने कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों को मार्च में बंद कर दिया था। इसके बाद छात्र घरों में हैं और शिक्षक भी अप्रैल से वर्क फ्रॉम होम के तहत स्कूल नहीं जा रहे थे। कुछ समय पहले स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करा दी गई थी। लेकिन अब कोरोना वायरस के मामले जब लगातार घट रहे हैं, तो बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों को खोलने के आदेश जारी किए हैं।
प्राथमिक विद्यालय अलहदादपुर की प्रधानाध्यापिका सरिता दुबे ने बताया कि वर्क फ्रॉम होम के तहत कार्य करने में परेशानी हो रही थी। स्कूल पहुंचकर साफ-सफाई करने के बाद से संचारी रोग पर अभिभावकों के साथ बैठक, शिक्षक डायरी, एमडीएम की कन्वर्जन कॉस्ट से जुड़े कार्यों को निपटाया गया है।
अध्यापिका सुषमा ओझा और उर्मिला शुक्ला ने बताया कि कोविड महामारी का असर कम होने पर ही शिक्षकों को स्कूल बुलाया जाना चाहिए।
फैक्ट फिगर
परिषदीय स्कूल- 2504
सीबीएसई स्कूल - 117
सीआईएससीई -19
माध्यमिक स्कूल- 485