टीम ने परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया।
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अधिकारी: हैलो... आपकी बेटी के स्कूल से बोल रहा हूं, बिटिया को स्कूल ड्रेस और किताब मिली है कि नहीं? जवाब मिला, 'नाही साहब । न किताब मिलल बा और नहिए कपड़ा'। पढ़ाई भी नईखे होत। स्कूल महानिदेशक विजय किरण आनंद की टीम ने गोरखपुर जिले के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान यह हकीकत सामने आई। प्रधानाध्यापिका ने अधिकारियों को शत-प्रतिशत बच्चों को किताबें और ड्रेस वितरित करने की गलत जानकारी दी थी।
भटहट के फुलवरिया स्थित उच्च प्राथमिक एवं प्राथमिक कंपोजिट विद्यालय की जांच की। जिसमें बच्चों को दी जाने वाले किताबें व ड्रेस के संबंध में सवाल पूछे। कक्षा छह की छात्रा उजैफा खातून के घर फोन मिलाकर पूछा गया तो उसकी मां ने कहा, किताबें व ड्रेस नहीं मिली है। इस पर नाराज अधिकारी ने प्रधानाध्यापिका के खिलाफ रिपोर्ट कर जांच करते हुए कार्रवाई का निर्देश एडी बेसिक को दिया।
महानिदेशक विजय किरण आनंद तो जिले के दौरे पर नहीं आए मगर, महानिदेशक की छह सदस्यीय टीम ने शनिवार को परिषदीय विद्यालयों में संचालित योजनाओं की समीक्षा को लेकर स्कूलों का निरीक्षण किया। टीम ने जिले के बांसगांव, पॉली, भटहट और जंगल कौड़िया ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। पहली टीम ने बांसगांव बीआरसी केंद्र और जयंतीपुर, दांडी, कुटैच, वहीदाड़ी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। जहां पर सबकुछ सही मिला।
स्मार्ट क्लास न चलने पर नाराजगी जताई
दूसरी टीम ने पाली ब्लॉक के बीआरसी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय सुरदही, रंदौली, तिवरान और मिनवां स्थित कस्तूरबा विद्यालय का निरीक्षण किया। जिसमें बीआरसी केंद्र में रंगाई-पुताई, जर्जर भवन, शौचालय और पानी की व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए दूर कराने को कहा। इसी तरह से कस्तूरबा में भी अव्यवस्था मिली। तीसरी टीम ने कमलाकर पांडेय की अगुवाई में भटहट और जंगल कौड़िया ब्लॉक के स्कूलों और कस्तूरबा विद्यालयों का निरीक्षण किया। जहां जंगल कौड़िया स्थित कंपोजिट विद्यालय करमहां कला में शासन के सभी मानक मिलने पर टीम सदस्य संतुष्ट दिखे।
अधिकारियों की टीम फुलवरिया में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के निरीक्षण के दौरान स्मार्ट कक्षाओं के संबंध में विद्यालय की वार्डन से पूछा तो जवाब मिला कि सभी के घरों में एंड्रॉयड फोन न होने एवं नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। इसपर अधिकारी ने नाराजगी जतायी। इस अवसर पर जिला स्तर से एडी बेसिक एसपी त्रिपाठी, जिला समन्वयक विवेक जायसवाल, रमेश चंद्रा, ज्ञान प्रकाश, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी एसके त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
स्कूलों को प्रेरक बनाने का दिलाया संकल्प
स्कूली महानिदेशक की टीम ने निरीक्षण के बाद एनेक्सी भवन में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। जहां जिले के स्कूलों को प्रेरक बनाने के लिए संकल्प दिलाया। साथ ही प्रेरणा एप लक्ष्य, कायाकल्प योजना, दीक्षा एप समेत अन्य योजनाओं के बारे में अधिकारियों को बताया और इन्हें शत-प्रतिशत लागू करने की बात कही। टीम के सदस्यों ने निरीक्षण के दौरान मिले बेहतर स्कूल कंपोजिट विद्यालय करमहां कला, बांसगांव स्थित स्कूलों का जिक्र किया और कहा जिले के अन्य स्कूलों को भी इनकी तरह बनाएं। बैठक में महानिदेशक की टीम से टीम लीडर रोहित सारथी, जिवेंद्र सिंह ऐरी, आनंद पांडेय, कमलाकर पांडेय, श्याम किशोर तिवारी, मो. अंसारी, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी बीएन सिंह समेत बीईओ, एआरपी और एसआरजी की टीम मौजूद रही।