गांधी जयंती पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन परिसर में सत्याग्रह करने वाले हिंदी विभाग के प्रो. कमलेश कुमार गुप्त के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई की है। उन्हें बिना नोटिस धरना-प्रदर्शन करने व विश्वविद्यालय की छवि खराब करने के आरोप में जांच समिति की संस्तुति पर निलंबित किया गया।
प्रो. गुप्त को इसके पहले भी निलंबित किया गया था, लेकिन बहाल कर दिया गया था। वे लगातार कुलपति प्रो. राजेश सिंह के कार्यकाल के समय हुए कार्यों, आयव्यय की जांच की मांग कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, बिना नोटिस सत्याग्रह करने की जांच वाणिज्य विभाग के प्रो. अजेय गुप्त व रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी ने की है।
आरोप है कि धरना-प्रदर्शन से पठन-पाठन का काम बाधित होता है। विश्वविद्यालय की छवि खराब होती है। इसे लेकर प्रो. कमलेश गुप्त को कारण बताओ नोटिस भी दी गई है। जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो जांच समिति गठित कर दी गई।