गोरखपुर। खजनी के बहुचर्चित वैभव अपहरण-हत्याकांड में पुलिस ने घटना के महज 13 दिन के भीतर विवेचना पूरी कर 35 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है। पुलिस की विवेचना में सामने आया है कि कर्ज में डूबा कंप्यूटर शिक्षक एवं कोचिंग संचालक सर्वेश उर्फ बिट्टू शर्मा ने एक करोड़ की फिरौती के लिए बच्चे के अपहरण की योजना बनाई थी। पर,रास्ते में बच्चे के शोर मचाने पर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में भरकर अपने घर के बेसमेंट में छिपा दिया।
पुलिस ने मुख्य आराेपी सर्वेश उर्फ बिट्टू शर्मा को बनाया है जबकि उसके पिता हरि नारायण शर्मा, भाई एवं 25 हजार के इनामी सतीश कुमार भट्ट उर्फ जिले, उसकी पत्नी अनामिका शर्मा और मुख्य आरोपी की पत्नी बबली शर्मा को भी आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मुकदमे की त्वरित सुनवाई और प्रभावी पैरवी को ध्यान में रखते हुए चार्जशीट में सीमित लेकिन महत्वपूर्ण गवाहों को शामिल किया है।
पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई को चौथी कक्षा का छात्र वैभव स्कूल से घर लौटने के बाद साइकिल से खेलने निकला था लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। तलाश के दौरान उसकी साइकिल और चप्पल मिलने पर परिजन ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर पांच टीमों का गठन किया गया। जांच में सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी विश्लेषण की मदद ली गई।
विवेचना में यह भी सामने आया कि पड़ोसी और कोचिंग संचालक सर्वेश ने इंटरनेट और एआई की मदद से फिरौती मांगने के तरीके तलाशे। पहचान छिपाने के लिए कंबोडिया का वर्चुअल मोबाइल नंबर खरीदा और फिरौती की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खाता भी खुलवाया। सर्वेश ने वैभव को उपहार देने का लालच देकर अपने साथ ले गया। रास्ते में बच्चे के शोर मचाने पर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में भरकर अपने घर के बेसमेंट में छिपा दिया। बाद में उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद किया।
बोले अधिकारीविवेचना पूरी कर अदालत में 35 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्रभावी पैरवी की जाएगी और न्यायालय की प्रक्रिया के अनुरूप आगे की कार्रवाई होगी। इनामी सतीश की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
- दिनेश कुमार पुरी, एसपी दक्षिणी