350 केएलडी का नया एसटीपी लगवा रही है सहारा कंपनी
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सहारा इस्टेट आवासीय परिसर का गंदा पानी दिसंबर के बाद से रामगढ़ताल में नहीं गिरेगा। इसके लिए सहारा कंपनी 350 किलो लीटर डिस्चार्ज (केएलडी) का नया सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगवा रही है। इसका काम शुरू हो गया है। इसी महीने एसटीपी स्थापित करने का लक्ष्य है। 350 केएलडी का पुराना एसटीपी भी ठीक कराया जा रहा है।
सहारा इस्टेट आवासीय परिसर का गंदा पानी अभी तक रामगढ़ताल में गिरता है। कंपनी ने 350 केएलडी का एसटीपी लगवाया था, जो कि लंबे समय से खराब है। इस पर नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल (एनजीटी) ने कई बार आपत्ति की और कंपनी पर जुर्माना भी ठोंका था। इसी का नतीजा रहा कि एक नया एसटीपी लगाकर गंदे पानी को साफ-सुथरा करने के लिए क्षमता बढ़ाई जा रही है।
कंपनी के मुख्य अभियंता वीके सिंह ने बताया कि दोनों एसटीपी की क्षमता 750 केएलडी है। यह क्षमता सहारा इस्टेट परिसर के लिए काफी है। सहारावासियों की सुविधा को ध्यान में रखकर ही कंपनी ने एसटीपी के लिए 35-40 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। नई एसटीपी इसी महीने बनकर तैयार हो जाएगी। पुरानी एसटीपी भी दुरुस्त होगी। नया मोटर लगाकर सारी समस्याएं दूर की जाएंगी।
दूसरी तरफ कंपनी की इस पहल का सहारा इस्टेट आवासीय कल्याणकारी समिति ने स्वागत किया है। अध्यक्ष डॉ. एपी त्रिपाठी व सदस्य एसवी सिंह का कहना है कि एसटीपी की क्षमता बढ़ने का बड़ा फायदा सहारावासियों को मिलेगा। बारिश में जो जलभराव होता है, वह शोधित होने के साथ ही जल्दी रामगढ़ ताल में चला जाएगा। कंपनी की ओर से नाला की सफाई का भरोसा भी दिलाया गया है।