मनरेगा मजदूरों को मिलेगा रोजगार
हर ग्राम पंचायत में एक बकरी पालन केंद्र और मुर्गी पालन शेड का निर्माण मनरेगा कंवर्जेंस के तहत कराया जाएगा। एक बकरी पालन केंद्र बनाने में 46 और मुर्गी पालन शेड निर्माण में 41 मानव दिवस सृजित होंगे। इस आधार पर 1294 मुर्गी पालन शेड निर्माण में 59,529 मानव दिवस का सृजन होगा। जबकि बकरी पालन केंद्र निर्माण से 53,054 मानव दिवस का सृजित होंगे। यानी कुल 1,12,583 मानव दिवस सृजित होंगे।
मवेशियों पर निर्भर हैं कई परिवार
गांवों में कई जरूरतमंद परिवार मवेशियों पर निर्भर होते हैं, लेकिन मवेशी रखने के लिए उनके पास जगह नहीं होती है। जिन परिवारों के पास आश्रय स्थल बनाने के लिए संसाधन नहीं होते, उनका चयन किया जा रहा। योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमंतू जनजाति एवं गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों का चयन किया जा रहा है।
खर्च होंगे 28.76 करोड़ रुपये
जिला पंचायत राज अधिकारी हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि बकरी शेड एवं मुर्गी पालन केंद्र बनाने में 28.76 करोड़ जबकि 1294 बकरी पालन केंद्रों के निर्माण में कुल 13.77 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मनरेगा के तहत बकरी शेड एवं मुर्गी पालन केंद्र का निर्माण होगा। सभी ब्लॉक में प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा कर लिया गया है। इससे मुर्गी और बकरी पालन से जुड़े परिवारों को गांव में रोजगार मिलेगा, वे स्वावलंबी भी होंगे।