भाजपा के साथ ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) और उसके अनुसांगिक संगठन भी नागरिकता संशोधन कानून पर जनसमर्थन जुटाएंगे। इस सिलसिले में भाजपा के साथ आरएसएस की समन्वय समिति की बैठक हो चुकी है।
तय हुआ कि विहिप, बजरंग दल, सेवा भारती, महिला संघ और मजदूर संघ की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर अलग-अलग कार्यक्रम होंगे।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 23 से 27 जनवरी के बीच गोरखपुर में रहेंगे। वह आरएसएस के प्रांतीय (गोरक्ष प्रांत, कानपुर प्रांत, अवध प्रांत और वाराणसी प्रांत) सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इससे पहले ही संघ के प्रांत पदाधिकारियों ने नागरिकता संशोधन कानून पर जनसमर्थन जुटाने की मुहिम पर काम शुरू कर दिया है। गत शुक्रवार को समन्वय समिति की बैठक में तय हुआ था कि संघ और उससे जुड़े संगठन रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन सहित अन्य जगहों पर जागरूकता अभियान चलाएंगे।
12 जनवरी को सभी विकास खंडों में रैलियां होंगी। हर जिले के प्रभारी नामित कर दिए गए हैं। संघ के सूत्रों के अनुसार सीएए के साथ ही एनआरसी के फायदे भी गिनाए जाएंगे। जनता को बताया जाएगा कि नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी देशहित, समाजहित में है।
इस कानून से किसी भारतीय का नुकसान नहीं होगा। इसको लेकर भ्रम फैलाने का काम किया गया। प्रांत सम्मेलन में भी इन मुद्दों को रखा जाएगा। क्षेत्र, प्रांत कार्यकारिणी के सदस्य, पदाधिकारियों से कहा जाएगा कि अपने अपने क्षेत्रों में कानून के फायदे गिनाएं। जनता को बताएं कि कानून से किसी जाति, धर्म का नुकसान नहीं होगा। यह देश, समाज को आगे बढ़ाना वाला है।