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RSS: सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा, 'धर्म के बिना सुशासन की व्यवस्था लागू कर पाना संभव नहीं'

Mon, 07 Oct 2024 08:00 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

सरकार्यवाह सोमवार की शाम योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में विश्व संवाद केंद्र के वार्षिक विशेषांक ध्येय मार्ग में पुण्यश्लोक रानी अहिल्या देवी होलकर के विशेष अंक के लोकार्पण के अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता विचार व्यक्त कर रहे थे। सरकार्यवाह ने कहा कि पश्चिमी देशों की व्यवस्था में राज सत्ता, कानून व अधिकार की बात है।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले - फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि सुशासन हर समाज व देश की आवश्यकता होती है। लेकिन धर्म के बिना सुशासन की व्यवस्था लागू कर पाना संभव नहीं है। भारत में नीति की नैतिकता, सुशासन और राज्य के प्रति कर्तव्य भी धर्म आधारित है। इसलिए भगवान राम इसके साकार मूर्ति हैं।
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रानी अहिल्या देवी होलकर के विशेष अंक का लोकार्पण किया - फोटो : अमर उजाला
भगवान कृष्ण ने भी सारा जीवन धर्म आधारित व्यवस्था के लिए बिताया। कोरोना संक्रमण काल में भारत ने पड़ोसी देश श्रीलंका में कोविड वैक्सीन को भिजवाया। जब सत्ता में राजधर्म की सोच वाले बैठते हैं तो ऐसे उदाहरण सामने आते हैं।

सरकार्यवाह सोमवार की शाम योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में विश्व संवाद केंद्र के वार्षिक विशेषांक ध्येय मार्ग में पुण्यश्लोक रानी अहिल्या देवी होलकर के विशेष अंक के लोकार्पण के अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता विचार व्यक्त कर रहे थे।
 

सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले - फोटो : अमर उजाला
सरकार्यवाह ने कहा कि पश्चिमी देशों की व्यवस्था में राज सत्ता, कानून व अधिकार की बात है। वहां उससे आगे गाड़ी नहीं बढ़ती है, लेकिन भारत के परिप्रेक्ष्य में हम धर्म व समाज आधारित व्यवस्था को देखते हैं।

उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्श शासन व्यवस्था से प्रेरित होकर रानी अहिल्या देवी होलकर ने एक श्रेष्ठ सुशासनकर्ता, धर्म आधारित सुशासन की व्यवस्था अपने राज में कायम किया। नारी सशक्तीकरण के लिए वह अनूठी मिसाल हैं। उनका शासनकाल सहज, सार्थक और प्रेरणादायी रहा।

दीप प्रज्वलित करते आरएसएस के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने अपनी प्रजा को आर्थिक, सामाजिक व न्यायिक सुरक्षा दी। नैतिक बल, प्रजा वत्सल बनकर परंपरा को न छोड़कर धर्म व न्याय को बल देते हुए जो शासन करते हैं, वही श्रेष्ठ कार्य करते हैं। सरकार्यवाह ने कहा कि नागरिकों में अपनी सत्ता के प्रति वफादारी होनी चाहिए। अपने अधिकार के बारे में जागृति चाहिए, लेकिन इसके साथ ही अपने कर्तव्य का पालन भी जरूरी है।
 
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आरएसएस के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले - फोटो : अमर उजाला
पारदर्शिता कम होने पर बढ़ता है भ्रष्टाचार
सरकार्यवाह ने कहा कि पारदर्शिता जब कम होती है तब भ्रष्टाचार बढ़ता है। कानून जब जटिल होते हैं या उत्तरदायित्वहीनता बढ़ती है तो वह भी भ्रष्टाचार को जन्म देती है। उन्हाेंने कहा कि सुशासन की बातें सरकारें करती हैं और प्रयत्न भी करती हैं। हमें अहिल्या बाई के सुशासन को समझना चाहिए।
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