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गोरखपुर: बीआरडी में खुलेगा आरओपी सेंटर व ह्यूमन मिल्क बैंक, सौंपी गई प्रोजेक्ट रिपोर्ट

Sat, 10 Sep 2022 10:38 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

आरओपी सेंटर खुलने से इन बच्चों को बेहतर इलाज सुविधा मिल सकती है। जिन माताओं को ज्यादा दूध होता है या नार्मल भी होता है और वह कुछ दूध डोनेट करना चाहती हैं तो उस दूध को प्रोसेसिंग करके कम से कम 6 महीने तक संरक्षित किया जा सकता है।
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BRD - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जल्द ही सक्षम के सहयोग से आरओपी (रेटिनोपेथी ऑफ प्रीमेच्योरिट) सेंटर व ह्यूमन मिल्क बैंक खुलेगा। सक्षम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार और कांबा (कॉर्निया अंधत्व मुक्त भारत अभियान) के प्रांत प्रभारी डॉ. वाई सिंह के नेतृत्व में प्रोजेक्ट रिपोर्ट बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. गणेश कुमार को सौंपी गई।

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डॉ. वाई सिंह ने बताया कि दोनों प्रोजेक्ट के लिए मशीन, उसके रखरखाव व दवाओं का खर्च सक्षम (समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल) वहन करेगा और एक साल के बाद दवाओं का खर्च मेडिकल कॉलेज वहन करेगा।

बताया कि प्रीमेच्योर बच्चों में रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमेच्योरिटी की समस्या बढ़ती जा रही है यदि सही समय पर इलाज हो तो काफी हद तक रोशनी वापस आ जाती है। लेकिन, इलाज महंगा होने के कारण बहुत से बच्चों को इलाज नहीं मिल पाता है।
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जो बच्चे प्रीमेच्योर पैदा होते हैं, उनका रेटिना पूर्ण विकसित नहीं होता है और उसमें हेमरेज होने का रिस्क भी रहता है। साथ ही धीरे-धीरे बच्चों के आंखों की रोशनी कम हो जाती है। ऐसे बच्चों का इलाज लेजर या इंट्राविट्रियल इंजेक्शन लगाकर किया जाता है और कभी-कभी ऑपरेशन भी करना पड़ता है जो कि काफी खर्चीला होता है।

आरओपी सेंटर खुलने से इन बच्चों को बेहतर इलाज सुविधा मिल सकती है। जिन माताओं को ज्यादा दूध होता है या नार्मल भी होता है और वह कुछ दूध डोनेट करना चाहती हैं तो उस दूध को प्रोसेसिंग करके कम से कम 6 महीने तक संरक्षित किया जा सकता है। यह दूध ऐसे बच्चों के लिए इस्तेमाल होता है जिनकी माताओं में किसी कारणवश दूध नहीं बनता है। इसके लिए ह्यूमन मिल्क बैंक की स्थापना भी की जाएगी।

इस अवसर पर नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राम कुमार जायसवाल, बाल रोग विभाग के डॉ. भूपेंद्र शर्मा , प्रो. आरआर सुकुल, उदय शंकर, अजीत पाल, डॉ. निधिश, बृजेश भी मौजूद रहे।

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