गोरखपुर। महिलाओं के लिए सुरक्षित, आधुनिक और कम दर्द वाली सर्जरी का नया दौर शुरू होने जा रहा है। एम्स में जल्द ही रोबोटिक तकनीक से सर्जरी की शुरुआत होगी, जिससे स्त्री रोग संबंधी जटिल ऑपरेशन अधिक सटीक और सुरक्षित तरीके से किए जा सकेंगे। विशेषज्ञ डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि यह तकनीक महिलाओं को कम दर्द, कम रक्तस्राव और कम समय में सामान्य जीवन में लौटने का अवसर देगी।
बड़ी संख्या में महिलाएं ऑपरेशन के डर, बड़े चीरे, लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण समय पर सर्जरी नहीं करातीं। इससे कई बार बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। ऐसे में रोबोटिक सर्जरी महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभर रही है। एम्स में स्त्री रोग विभाग के डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि रोबोटिक सर्जरी में ऑपरेशन कोई मशीन नहीं करती, बल्कि हर चरण का संचालन सर्जन ही करते हैं। रोबोट केवल सर्जन के हाथों की गतिविधियों को अधिक सटीकता और नियंत्रण के साथ शरीर के भीतर पहुंचाने का कार्य करता है। अत्याधुनिक थ्री-डी कैमरे की मदद से शरीर के अंदर का स्पष्ट दृश्य मिलने से सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं, नसों और ऊतकों की पहचान आसान हो जाती है, जिससे जटिल सर्जरी भी अधिक सुरक्षित ढंग से की जा सकती है।
प्रजनन क्षमता हाेगी सुरक्षित
यह तकनीक अत्यधिक मोटापा, बड़े फाइब्रॉइड, गंभीर एंडोमेट्रियोसिस, पहले हुए ऑपरेशन के कारण बने चिपकाव, प्रजनन क्षमता सुरक्षित रखने वाली सर्जरी और स्त्री रोग संबंधी कैंसर के मामलों में विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकती है। छोटे चीरे होने से संक्रमण और दर्द का खतरा कम रहता है तथा मरीज जल्द ही अपनी दिनचर्या में लौट सकती हैं। रोबोटिक तकनीक से सर्जरी की शुरुआत पूर्वी उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इससे मरीजों को अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध होने के साथ युवा सर्जनों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण मिलेगा तथा अनुसंधान और नवाचार को भी नई गति मिलेगी।