गोरखपुर। अयोध्या से गोरखपुर होकर सिवान तक रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण कार्य के तहत सिकरीगंज से बड़हलगंज के बीच सड़क व पुल निर्माण के कारण 60 दिनों के लिए रूट डायवर्ट किया गया है। यह डायवर्जन 22 फरवरी से लागू हो गया। इसके तहत सिकरीगंज से धनघटा तक 22 किमी मार्ग हल्के एवं भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित रहेगा।
भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या (उत्तर प्रदेश) से माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी (बिहार) के बीच बनने वाला रामजानकी मार्ग (एनएच227 ए) की कुल लंबाई करीब 240 किमी है। गोरक्षनगरी की सीमा में रामजानकी मार्ग (40 किमी) का निर्माण कार्य सिकरीगंज से बड़हलगंज तक चल रहा है। करीब 75 फीसदी काम हो चुका है। इस सड़क के निर्माण पर 403 करोड़ की लागत आएगी। इस सड़क को 10 मीटर चौड़ा किया जाएगा। सरयू और राप्ती के पानी को नियंत्रित करने के लिए इस मार्ग पर 11 नए रेगुलेटर और कलवर्ट बनाए जा रहे हैं।
डीएम दीपक मीणा ने बताया कि रामजानकी मार्ग पर किमी 90 से 130 (सिकरीगंज से बड़हलगंज) तक टू लेन और सिकरीगंज में पुल का मरम्मत कार्य कराया जाना है। इसके लिए डायवर्जन का प्लान किया गया है।
इस रूट से चलेंगे वाहन
- अयोध्या की तरफ से आने वाले वाहन धनघटा चौराहे से खलीलाबाद होते हुए गोरखपुर, कुशीनगर, बिहार आदि स्थानों पर अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान करेंगे।
- बिहार की तरफ से आने वाले वाहन बड़हलगंज से होते हुए नौसड़ (गोरखपुर), खलीलाबाद से धनघटा चौराहे से राष्ट्रीय राजमार्ग-227 ए होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे।
- डायवर्जन के तहत रामजानकी मार्ग के सिकरीगंज से धनघटा तक 22 किमी मार्ग पर हल्के एवं भारी वाहनों का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।