गोरखपुर जिले के तारामंडल क्षेत्र स्थित जैमिनी गार्डेनिया के पास और बौद्ध संग्रहालय की चहारदीवारी से सटे पुलिया के पास की सड़क धंस गई है। इससे बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। जान आफत में पड़ी है। इसे लेकर आसपास के लोगों में नाराजगी है।
उनका कहना है कि तारामंडल क्षेत्र से निकले नाले को जोड़ने के लिए सड़क तोड़कर पुलिया बनवाई गई, लेकिन दोबारा सड़क बनवाने में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया। इस पर कार्यदायी संस्था व ठेकेदार की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
जिस जगह सड़क धंसी है, वहां रात में अंधेरा रहता है। लिहाजा, वहां से गुजरने वाले वाहनों में जबरदस्त झटका लगता है। सहारा इस्टेट के बहार क्लस्टर में रहने वाले सत्य प्रकाश की पत्नी संतोषी सोमवार को इसी स्थान पर बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। वह करवाचौथ व्रत के लिए खरीदारी करने गई थीं। पति के साथ बाइक पर पीछे बैठकर आ रही थीं। लेकिन, नौकायन केंद्र से जैमिनी गार्डेनिया की तरफ बढ़ते ही हादसे की शिकार हो गईं।
सत्यप्रकाश का कहना है कि पुलिया के पास जो सड़क धंसी है, वह बाइक या फिर चौपहिया वाहन चालकों को नहीं दिखती। नवनिर्मित पुलिया का हिस्सा सड़क से ऊपर हो गया। इस वजह से वाहनों में जोरदार झटका लगता है। झटके से ही बाइक पर पीछे बैठी पत्नी उछलकर नीचे गिर गईं और उन्हें गंभीर चोटें आईं। यह सब घटिया निर्माण का नतीजा है। कार्यदायी संस्था के अफसरों के साथ ही ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो बड़े हादसे का खतरा बना रहेगा।
महत्वपूर्ण है यह सड़क
नौकायन केंद्र से देवरिया बाईपास रोड को जोड़ने वाली सड़क महत्वपूर्ण है। इस सड़क से रोजाना 15-20 हजार लोग आते-जाते हैं। जहां सड़क धंसी है, वह शहर का सबसे पॉश इलाका माना जाता है। जैमिनी गार्डेनिया में ही सैकड़ों परिवार रहते हैं। बौद्ध संग्रहालय व चिड़ियाघर जाने की प्रमुख सड़क यही है। कुछ दूरी पर ही सरमाउंट स्कूल है। सुबह-शाम स्कूली छात्र-छात्राएं भी आते-जाते हैं।
मामला संज्ञान में आया है। इस समस्या का तत्काल निराकरण कराया जाएगा। धंसी सड़क ठीक कराई जाएगी। जनता से जुड़ी समस्याओं का निपटारा प्राथमिकता पर करना है। -महेंद्र सिंह तंवर, उपाध्यक्ष जीडीए
जहां सड़क धंसी है, वहां हादसे हो रहे हैं। सड़क से हजारों वाहन गुजरते हैं। इसे तत्काल ठीक कराया जाना चाहिए। तारामंडल शहर का पॉश इलाका है, फिर भी समस्या जस की तस है। -रश्मि केसरवानी, उपाध्यक्ष जैमिनी गार्डेनिया