गोरखपुर जिले के गोड़धोइया नाले के नए सिरे से निर्माण एवं सुंदरीकरण परियोजना के शुरू होने पर मुआवजे के तौर पर मोटी रकम मिलने की आस पाले लोगों को बड़ा झटका लग सकता है। नाले के आस-पास निर्माण कराकर बस चुके लोगों ने आबादी के सर्किल रेट के दोगुने के बराबर मुआवजे मिलने की उम्मीद लगा रखी है। लेकिन, प्राकृतिक नाले को लेकर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार बहुत कम मुआवजा मिलेगा।
नाले के दायरे में निर्माण या जिनकी जमीन है, उन्हें नजदीकी गांव की कृषि भूमि के सर्किल रेट के 60 प्रतिशत के बराबर मुआवजा मिलेगा। जिनकी जमीन नाले से बाहर है, उन्हें सामान्य मुआवजा मिलेगा। मुआवजे की नई दरें तय करने के लिए सदर तहसील प्रशासन की ओर से सर्वे कराया जा रहा है।
शहर में जलभराव की समस्या को दूर करने एवं रामगढ़ताल के पानी को शुद्ध करने के लिए गोड़धोइया नाले को पक्का बनाने व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने की परियोजना बनाई गई है। करीब 1700 करोड़ रुपये की इस परियोजना में 10 किलोमीटर लंबे नाले को पक्का बनाने, दोनों ओर पांच-पांच मीटर चौड़ी सड़क बनाने, 21 पुलिया के निर्माण, सीवरलाइन व एसटीपी लगाना शामिल है।
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