पीएम हाउस के सामने प्रदर्शन करते
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रविवार को अधिवक्ता के पिता के शव का पोस्टमार्टम दो चिकित्सकों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच किया। पोस्टमार्टम सुबह 11:50 बजे शुरू हुआ और करीब 12:40 बजे तक चला। पोस्टमार्टम शुरू होने से पहले ही करीब 11:30 बजे अधिवक्ता के समर्थन में जुटे सैकड़ों लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस के सामने गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन जाम कर दिया था।
पुलिस के समझाने पर कुछ देर बाद जाम खुल गया, लेकिन पोस्टमार्टम शुरू होते ही दोपहर करीब 12 बजे भीड़ ने दोबारा दोनों लेन पर आवागमन रोक दिया। इस दौरान केवल एंबुलेंस को जाने दिया गया। महराजगंज की ओर से आ रही एडीएम एलआर की गाड़ी को भीड़ ने रोक लिया।
पुलिस अधिकारी समझाते हुए
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उग्र भीड़ ने गाड़ी को धक्का देकर वापस भेज दिया। कुछ देर बाद एसपी दक्षिणी मौके पर पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने 'पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद,वापस जाओ' के नारे लगाकर विरोध किया। करीब डेढ़ बजे एसपी सिटी निमिष पाटिल भी मौके पर पहुंचे। उन्हें भी पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारी लगातार डीएम व एसएसपी को मौके पर बुलाकर वार्ता करने की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि डी एम व एसएसपी के मौके पर पहुंचकर बातचीत करने तक किसी अन्य अधिकारी से वार्ता नहीं की जाएगी। पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों में पुलिस-प्रशासन के प्रति काफी आक्रोश दिखा।
एसएसपी से अधिवक्ता अपनी बातें रखते हुए
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हत्यारोपितों को फांसी देने,उनके घरों पर बुलडोजर चलाने और सिकरीगंज थाने के पूरे स्टाफ को निलंबित करने की मांग को लेकर नारेबाजी होती रही।करीब 2:10 बजे जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ मौके पर पहुंचे।
दोनों अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों और अधिवक्ता के समूह से बातचीत की। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों के सामने अपना मांगपत्र रखा। मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद सहमति बनी। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम हाउस से शव लेकर घर के लिए रवाना हुए।