परिवहन निगम राप्तीनगर डिपो कार्यशाला का फर्श गड्ढों में तब्दील हो चुका है। आए दिन बसें इन गड्ढों में फंस जाती हैं, जिन्हें निगम के जिम्मेदार क्रेन से निकलवाते हैं। इसका परिणाम होता है कि बसें यात्रियों के पास देरी से पहुंचती हैं। निगम के अफसर इस समस्या को लेकर उदासीन बने हुए हैं।
शहर के शाहपुर क्षेत्र स्थित राप्तीनगर डिपो कार्यशाला में प्रयागराज, वाराणसी, आजमगढ़ आदि रूट की साधारण बसों के अलावा 50 से अधिक एसी बसें खड़ी होती हैं। इस कार्यशाला का फर्श वर्षों से जर्जर है। कर्मचारी संगठन कई बार फर्श को दुरुस्त कराने के लिए अपनी आवाज बुलंद कर चुके हैं। पूर्व परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के साथ ही निगम के कई बड़े अधिकारियों ने इस कार्यशाला का निरीक्षण किया और जल्द ही फर्श का निर्माण कराने का आश्वासन दिया। बावजूद, फर्श अब भी उसी हाल में है। कर्मचारी नेता कार्यशाला के जर्जर फर्श के निर्माण के लिए आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
यूपी रोडवेज यूनियन के प्रांतीय संयुक्त मंत्री दिनेश मणि मिश्र ने कहा कि आए दिन गड्ढों में फंसने से बसें खराब हो रही हैं। इससे निगम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, चालकों को भी बसों को गड्ढों से निकालने में दिक्कत होती है। जल्द इस समस्या को मुख्यमंत्री के सामने उठाया जाएगा। साथ ही आंदोलन किया जाएगा।
राप्तीनगर डिपो के सहायक प्रबंधक एके सिंह ने कहा कि राप्तीनगर कार्यशाला के फर्श के निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। जल्द ही फर्श के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।