मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में होने वाले शोध का फायदा अब आमजन का भी मिलेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय ने जनोपयोगी शोध से तैयार उत्पादों को आमजन तक पहुंचाने की योजना बनाई है। इसके लिए रिसर्च डेवलपमेंट सेल का गठन किया गया है। यह सेल शोध को पेटेंट कराने से लेकर स्टार्टअप शुरू कराने तक में मदद करेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने इसके लिए अलग-अलग कमेटियां गठित करने का निर्णय लिया है। इसे प्रबंध बोर्ड से भी मंजूरी मिल चुकी है। बीते दिनों वरिष्ठ शिक्षकों के साथ इसकी कार्ययोजना तैयार करने के लिए बैठक भी हुई है। योजना के मुताबिक कमेटियों में विवि के साथ ही उद्योगपति व विशेषज्ञ भी रखे जाएंगे।
यह कमेटी शोध को तत्काल पेटेंट कराने की प्रक्रिया में मदद करेगी। कमेटी पेटेंट होने के बाद स्टार्टअप शुरू करने के लिए इच्छुक लोगों को आमंत्रित करेगी। इंड्रस्ट्री से भी संपर्क करके अपने उत्पाद की जानकारी देगी। स्टार्टअप शुरू करने वाले के उत्पाद को बेचने में भी मदद करेगी। मैकेनिकल व साफ्टवेयर के क्षेत्र में ज्यादा फोकस रहेगा।
शोध का फायदा जब तक जनता को न हो, शोध की सार्थकता सिद्ध नहीं होती है। यूजीसी के निर्देशों के मुताबिक रिसर्च डेवलपमेंट सेल का गठन किया गया है। यह सेल शोध को पेटेंट कराने, स्टार्टअप शुरू कराने और उत्पाद को बेेचने में मदद करेगा। इसकी योजना तैयार की जा रही है।
- प्रो. जेपी पांडेय, कुलपति, एमएमएमयूटी