गोरखपुर। धर्मशाला बाजार में करीब सवा पांच एकड़ जमींदारी की जमीन पर वरासत का आदेश जारी होने के मामले में सोमवार को दोनों पक्षों ने एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह से मुलाकात की। एसडीएम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि मामला राजस्व न्यायालय से संबंधित है। इसकी सुनवाई न्यायालय में होगी।
धर्मशाला बाजार में जमींदारी की जमीन पर वरासत का आदेश दर्ज होने के बाद स्थानीय लोगों ने रविवार को धर्मशाला बाजार में प्रदर्शन किया था। उन्होंने सोमवार को एसडीएम सदर से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। आरोप लगाया कि पिपराइच कोर्ट की तत्कालीन नायब तहसीलदार ने जमींदारी की विवादित जमीन के मामले में वरासत का आदेश कर दिया था, जबकि यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं था। जिस क्षेत्र के मामले में आदेश जारी हुआ है, वहां कई मकान बने हैं। वहीं इस मामले में नायब तहसीलदार नीरू सिंह ने बताया कि पत्रावली के अनुसार जमीन विवादित नहीं बताई गई थी। लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया गया था।
बोले अधिकारी
धर्मशाला बाजार से संबंधित जमीन के मामले में दोनों पक्षों से लोग आए थे और अपना-अपना पक्ष रखा है। उन्हें यथास्थिति बनाए रखने का सुझाव दिया गया है। राजस्व न्यायालय में मामले की सुनवाई होगी और साक्ष्यों के आधार पर न्याय होगा।
- ज्ञान प्रताप सिंह, एसडीएम, सदर