बिजली निगम के सूत्रों ने बताया कि इस बार राजस्व वसूली में अभियंताओं के साथ लाइनमैनों को भी लगाया गया था। इसी वजह से मार्च के पहले और बाद में लाइनों के सुधार या ट्रांसफार्मरों की मरम्मत काम नहीं करवाया जा सका। यही कारण रहा है कि गर्मी और लोड का भार केबल झेल नहीं पाए, ट्रांसफार्मर भी फुंकने लगे। बिजली चोरी की भी जांच नहीं हुई। इससे भी लोड बढ़ता गया और विभाग को पता नहीं चला।
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शासन प्रतिवर्ष बिजली सुधार और लोगों तक सही तरीके से बिजली आपूर्ति के लिए योजनाएं लागू कर रहा है। इस बार गर्मी में बिजली आपूर्ति खराब है, अभियंताओं को खुद सोचना चाहिए कि उन्होंने क्या काम किया है। योजनाओं को जमीन पर उतारने का जिम्मा अधिकारियों का होता है।
उर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि उन्हें पता होना चाहिए कि किससे, कौन सा काम लेना है? लाइनमैन अगर मरम्मत कार्य की जगह सिर्फ राजस्व वसूली में लगे हैं, तो अभियंताओं की क्या जिम्मेदारी होगी? समय से कहां-कहां मरम्मत काम नहीं करवाए गए हैं, इसकी रिपोर्ट तलब की जाएगी।