आकाशवाणी के मीडियम वेव ट्रांसमीटर के बंद होने से दुखी शहरवासियों के लिए बड़ी खबर है। ट्रांसमीटर मंगलवार सुबह से फिर से शुरू हो जाएगा। जनप्रतिनिधियों की मेहनत की बदौलत लोग अब फिर से रेडियो सेट पर सुन सकेंगे कि 303.03 मीटर यानी 909 किलो हर्ट्ज पर ये आकाशवाणी का गोरखपुर केंद्र है।
10 किलोवाट के मोबाइल ट्रांसमीटर से प्रसारण शुरू करने की महानिदेशालय की हरी झंडी देर रात स्थानीय अधिकारियों को मिल गई। महानिदेशालय के निर्देश पर ही 21 नवंबर को सुबह 11 बजे ट्रांसमीटर को बंद कर दिया गया था। हालांकि, इस दौरान भी प्रसार भारती के एप से कार्यक्रमों का प्रसारण जारी था।
आकाशवाणी गोरखपुर केंद्र से प्रसारण शुरू करने के लिए सोमवार को जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडे़कर और उनके सचिव सुनील शुक्ल के अलावा प्रसार भारती के सीईओ से बात की थी।
वहीं, सांसद रवि किशन ने प्रकाश जावडे़कर से नई दिल्ली में मुलाकात कर ट्रांसमीटर शुरू करने का निवेदन किया था। इसके अलावा सपा नेता काली शंकर ने इस बाबत महानिदेशक को पत्र लिखा था, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया था।
देर रात जनप्रतिनिधियों की मेहनत रंग लाई और रात में ही ट्रांसमीटर को फिर से शुरू करने का मौखिक निर्देश निदेशालय से मिल गया। जिस मोबाइल ट्रांसमीटर को फिर से शुरू करने का निर्देश आया है, उसे मूल ट्रांसमीटर के जर्जर होने के बाद जून 2018 में महानिदेशालय द्वारा गोरखपुर भेजा गया था। तब से 21 नवंबर 2020 तक उसी से प्रसारण किया जा रहा था।