एक मार्च से सभी परिषदीय प्राइमरी स्कूल खुल रहे हैं। इन स्कूलों में रोजाना 40 मिनट की रिमेडियल (उपचारात्मक) कक्षा चलाई जाएगी। गोरखपुर जिले के 1600 परिषदीय स्कूलों में इसे लागू करने की कवायद शुरू हो गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने एक मार्च से स्कूल खुलने के बाद बच्चों की क्षमताओं के आकलन की तैयारी शुरू की है। इसके लिए आकलन प्रपत्र तैयार किया गया है। स्कूल आने वाले छात्रों से पहले इसी आधार पर समीक्षा की जाएगी। जो बच्चे कमजोर मिलेंगे उनके लिए रोजाना पहली कक्षा में 40 मिनट की रिमेडियल क्लास चलाई जाएगी।
कक्षा एक से पांच तक के छात्रों की क्षमताओं का आकलन केवल हिंदी और गणित विषय में किया जाएगा। इन दो विषयों में छात्रों के लिए कुछ शब्द पहचानने तथा कुछ प्रश्न हल करने के लिए दिए जाएंगे। अगर वह इन्हें बता लेते हैं तो ठीक, नहीं तो उनकी रिमेडियल कक्षा कराई जाएगी।