गोरखपुर जिले को सेहतमंद बनाए रखने में धर्मगुरुओं का सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए शनिवार को धर्मगुरुओं और मदरसा शिक्षकों की बैठक सीएमओ कार्यालय के प्रेरणा श्री सभागार में हुई। धर्मगुरुओं को नियमित टीकाकरण, कोरोनारोधी टीकाकरण और संचारी रोग के बारे में जानकारी देते हुए जागरूक किया गया। कहा गया कि अल्पसंख्यक इलाकों में टीकाकरण की रफ्तार ठीक नहीं है। ऐसे में लोगों को इसके प्रति जागरूक करें।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एएन प्रसाद ने कहा कि 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों के कोविड टीकाकरण के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया जाए। प्रिकॉशन डोज लगवाने के लिए भी समुदाय को प्रेरित किया जाए। इसी प्रकार शून्य से पांच साल तक के बच्चों का नियमित टीकाकरण अनिवार्य है। उन्होंने हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों से भी टीका लगवाने की अपील की। यूनिसेफ के डीएमसी डॉ. हसन फहीम ने कोरोना व्यवहार के बारे में जानकारी दी।
‘मुस्कान एक्सप्रेस’ के जरिए कर रहे जागरूक
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के लिए शहर के गोरखनाथ और पाली ब्लॉक में मुस्कान एक्सप्रेस चलाई जा रही है। इन इलाकों में टीकाकरण की रफ्तार धीमी है। इस मौके पर जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी केएन बरनवाल, पवन सिंह भी मौजूद थे। कार्यक्रम का आयोजन यूनिसेफ और एलाइंस फॉर इम्यूनाइजेशन एंड हेल्थ ड्रिस्ट्रिक्ट (एआईएच) के सहयोग से किया गया।
बुखार होने पर कराएं मलेरिया की जांच
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने धर्मगुरुओं को जेई-एईएस, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और फाइलेरिया के बारे में बताया। कहा कि अगर बुखार तीन दिन से ज्यादा है तो मलेरिया की जांच जरूर कराएं। कूलर, गमलों, पशु-पक्षियों के भोजन पात्र आदि की साप्ताहिक सफाई करें, जिससे मच्छरों से बचाव किया जा सके। इस मौके पर धर्मगुरु प्रवीण शास्त्री, धनेश मणि, आदिल अमीन, मुफ्ती अजहर शमसी, बलबीर सिंह, जसपाल सिंह, सहायक मलेरिया अधिकारी राजेश चौबे, विजय, फैजान, आदिल आदि मौजूद रहें।