अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अल्ट्रासाउंड सेंटर में स्थिति सुधर नहीं रही है। बृहस्पतिवार को टेक्नीशियन की गलती से दूसरे मरीज का अल्ट्रासाउंड हो गया। इस पर तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया। एम्स की निदेशक को जानकारी हुई तो उन्होंने खुद पहल करके मरीज का अल्ट्रासाउंड कराया। इसके बाद तीमारदार शांत हुए।
जानकारी के मुताबिक, परसिया अहीर निवासी ज्ञानती मिश्रा हड्डी रोग विभाग में एक सप्ताह से इलाज करा रही हैं। वहां इलाज के बाद उन्हें मेडिसिन विभाग में जाने की सलाह दी गई। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड जांच के लिए भेजा। परिजन बृहस्पतिवार को गंभीर स्थिति में ऑक्सीजन लगे मरीज को स्ट्रेचर पर लादकर आयुष भवन के कमरा नंबर 104 में पहुंचे। वहां अल्ट्रासाउंड करने को कहा तो महिला स्टाफ ने इंकार कर दिया।
स्टाफ का कहना था कि उनकी जगह दूसरी महिला का अल्ट्रासाउंड हो चुका है। इसलिए इनका अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाएगा। इस पर परिजन नाराज हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे तक अल्ट्रासाउंड कक्ष के आसपास भीड़ इकट्ठा हो गई। मामले की जानकारी निदेशक प्रो. सुरेखा किशोर को हुई। उनकी पहल पर मरीज का अल्ट्रासाउंड हुआ। इसके बाद परिजन शांत हुए।