नियमित टीकाकरण कार्यक्रम (आरआई) को और बेहतर करने के उद्देश्य से लाभार्थियों को बुलावा पर्ची भेजी जाएगी। पर्ची में बूथ और टीकाकरण की जानकारी रहेगी। इसे लेकर मिशन निदेशक अर्पणा उपाध्याय ने सीएमओ को पत्र भेज कर निर्देश दिया है। निर्देश मिलने के बाद सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने जिला प्रतिरक्षण विभाग को इस काम की जिम्मेदारी सौंपी है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने ’पांच साल में सात बार, छूटे न टीका एक बार’ का नारा दोहराते हुए समुदाय से अपील की कि गर्भवती महिलाओं के लिए टीडी 1, टीडी 2 व टीडी बूस्टर, बच्चे के जन्म के समय ओपीवी 0, हेपेटाइटिस बी बर्थ डोज, बीसीजी, जन्म के छह सप्ताह के भीतर ओपीवी 1, रोटा 1, एफआईपीवी 1, पेंटावैलेंट1 व पीसीवी 1, 10 सप्ताह के भीतर ओपीवी 2, रोटा 2, पेंटावैलेंट 2, 14 सप्ताह के भीतर ओपीवी 3, रोटा 3, एफआईपीवी 2, पेंटावैलेंट 3, पीसीवी 2, 9 से 12 महीने के बीच एमआर1, जेई 1, पीसीवी बी, 16 से 24 महीने के बीच ओपीवी बी, डीपीटी बी 1, एमआर 2, जेई टू, 5 से 6 साल के बीच डीपीटी बी 2, 10 साल की उम्र पर टीडी और 16 साल की उम्र पर लगने वाला टीडी टीका स्वास्थ्य विभाग निशुल्क उपलब्ध कराता है। आवश्यकता है लोग टीकाकरण के महत्व को समझें और इसके लिए स्वयं भी आगे आएं।