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भाजपा सांसद पासवान के खिलाफ डकैती तो डॉ. विजय पांडेय के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज

Fri, 26 Jun 2020 09:04 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • भाजपा सांसद पासवान के खिलाफ डकैती तो डॉ. विजय पांडेय के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज
  • दोनों पक्षों ने दी थी तहरीर, तीन दिन बाद दोनों पक्षों पर आईपीसी की कई धाराओं में केस दर्ज
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बाएं सांसद कमलेश पासवान और दाएं पनेशिया हॉस्पिटल के डायरेक्टर विजय पांडेय। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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छात्रसंघ चौराहा स्थित पनेशिया हॉस्पिटल विवाद में गुरुवार को बांसगांव से भाजपा सांसद कमलेश पासवान, डॉ. प्रमोद सहित छह नामजद और 40-50 अज्ञात के खिलाफ डकैती, मारपीट और धमकी का केस दर्ज कर लिया गया है।

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वहीं, सांसद की तहरीर पर अस्पताल के एक संस्थापक निदेशक विजय पांडेय समेत आठ नामजद सहित 40-50 अज्ञात पर एससी-एसटी एक्ट, बलवा, मारपीट का केस दर्ज हुआ है। पनेशिया के एक और डायरेक्टर डॉ. प्रमोद ने भी इस मामले में तहरीर दी थी, उनका कहना है कि मेरा मुकदमा नहीं दर्ज हुआ। बकौल पुलिस, डॉ. प्रमोद की तहरीर को सांसद के मुकदमे में शामिल कर लिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, सांसद कमलेश पासवान को पनेशिया हॉस्पिटल का निदेशक बनाने को लेकर सोमवार को विवाद हो गया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए मंगलवार को कैंट थाने में तहरीर दी थी। पनेशिया के  डायरेक्टर सदस्य विजय कुमार पांडेय ने सांसद और उनके साथियों के खिलाफ तहरीर दी थी।

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तहरीर के  मुताबिक डायरेक्टर समूह के सदस्यों के साथ सोमवार को पांडेय पनेशिया गए थे। इसी दौरान सांसद कमलेश पासवान और डा. प्रमोद सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ हमला कर दिया। मारपीट के दौरान भाजपा सांसद, डॉ. प्रमोद तथा उनके साथ के लोगों ने उनकी सोने की चेन और पांच हजार रुपये नकद छीन लिए थे।

तहरीर के आधार पर पुलिस ने सांसद और डॉ. प्रमोद के अलावा मनीष सिंह, प्रणव वशिष्ठ, राजीव रंजन तथा नीरज वैश्य व 40-50 अज्ञात के विरुद्ध डकैती, आपराधिक बल प्रयोग, बलवा, मारपीट और गाली-गलौच करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया है।

बांसगांव से भाजपा सांसद कमलेश पासवान ने विरोधी पक्ष के विजय पांडेय और उनके साथियों के खिलाफ तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप  था कि हॉस्पिटल का संचालन डा. प्रमोद सिंह करते हैं। वे 60 प्रतिशत से अधिक शेयर के हिस्सेदार हैं। हॉस्पिटल की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए डॉ. प्रमोद सिंह ने नियमों का पालन करते हुए उन्हें डायरेक्टर समूह में शामिल कर लिया।

प्रबंधन के संबंध में डा. प्रमोद से बातचीत करने के लिए सोमवार को दिन में साढ़े बारह बजे के आसपास वह पनेशिया गए थे। आरोप है कि इसी दौरान डायरेक्टर मंडल के संस्थापक सदस्य विजय कुमार पांडेय अपने सहयोगियों के साथ डॉ. प्रमोद से विवाद करने लगे।

उन्होंने बीच-बचाव का प्रयास किया तो विजय कुमार पांडेय और उनके साथ के लोगों ने उन्हें जाति सूचक गाली दी तथा हॉस्पिटल के कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। सांसद की तहरीर पर पुलिस ने विजय पांडेय के अलावा गोपाल मद्धेशिया, आनंद सिंह, अशोक मद्धेशिया, रवि प्रकाश श्रीवास्तव, गोविंद प्रसाद और अमृश राय तथा 40-50 अज्ञात के विरुद्ध बलवा, मारपीट, धमकी देने और एससीएसटी एक्ट की दो धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि दोनों पक्ष से आई तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। जांच कर गुण दोष के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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सांसद चेन की डकैती करेगा क्या, पुलिस क्या कर रही थी?

भाजपा सांसद कमलेश पासवान ने बताया कि पनेशिया हॉस्पिटल के बाहर विवाद हुआ तो पुलिस सहित तमाम लोग मौजूद थे। सांसद चेन की डकैती करेगा क्या? दिनदहाड़े डकैती हुई तो पुलिस क्या कर रही थी ? सांसद होने के नाते पुलिसकर्मी भी साथ रहते हैं। डकैती करते किसी ने तो देखा होगा? समझ नहीं आता कि इतनी गंभीर धारा में मुकदमा कैसे दर्ज हो गया ?

पनेशिया डायरेक्टर संस्थापक विजय पांडेय ने बताया कि सांसद की तहरीर व मुकदमा प्रायोजित है। फंसाने की कोशिश की जा रही है। एससी-एसटी मुकदमे का इस्तेमाल सांसद हथियार के तौर पर करते हैं। हॉस्पिटल के सामने जो हुआ, वह सबने देखा है। इसका वीडियो भी है। वीडियो में साफ-साफ दिखाई दे रहा है कि सांसद से हाथ जोड़कर बात कर रहा हूं।

विवाद मुख्य द्वार पर हुआ था। हॉस्पिटल के अंदर गए ही नहीं हैं। अगर अंदर गए तो रिकार्डिंग डॉ प्रमोद को देनी चाहिए। 35 हजार रुपये लूटने के आरोप निराधार है। विवाद के दौरान पांच हजार रुपये और सोने की चेन खींच ली गई थी। सोने की चेन पांच ग्राम की थी।  इसका बिल मेरे पास है।
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