हालांकि, इस मामले में चूक कई स्तर पर हुई है। विश्वविद्यालय के प्रवेश प्रकोष्ठ, परीक्षा विभाग और वित्त विभाग ने भी प्रवेश के लिए बनी मेरिट लिस्ट और प्रवेश लेने वाले छात्रों की सूची का मिलान नहीं कराया। शुल्क का भी हिसाब-किताब नहीं मिलाया गया। इसकी चर्चा बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में खूब रही और जिम्मेदारों पर सवाल उठाए गए।
विवि आज दर्ज कराएगा मुकदमा
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि प्रवेश में फर्जीवाड़े को लेकर विश्वविद्यालय बृहस्पतिवार को मुकदमा दर्ज कराएगा। विवि प्रशासन ने इसकी तैयारी कर ली है। तहरीर के साथ ही साक्ष्य के तौर पर दस्तावेज भी उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, विवि ने शासन को पहले ही पत्र भेजकर सारे मामले से अवगत करा दिया है।
एक अधिकारी के खास लिपिक की भूमिका भी संदिग्ध
विश्वविद्यालय के प्रशासनिक विभाग में तैनात एक अधिकारी के खास लिपिक की भूमिका भी संदिग्ध है। इस अधिकारी पर मेहरबानी की चर्चा भी खूब है। कहा जा रहा है कि अधिकारी ने अपनी तैनाती के बाद दबाव बनाकर उस कर्मचारी को अपने यहां तैनात कराया। मामले की सुगबुगाहट आते ही कर्मचारी को अवकाश पर भेज दिया गया है।