नगर निगम के संपत्ति कर की वसूली प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वसूली बढ़ाने के दबाव में कर निरीक्षकों ने घर बैठे पांच से 100 रुपये तक की कुल 820 रसीदें अपनी जेब से काट दीं। शनिवार को कार्यकारिणी समिति की बैठक में पूर्व उपसभापति पार्षद जियाउल इस्लाम ने यह मुद्दा उठाया तो निगम प्रशासन की पोल खुल गई।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित कर निरीक्षकों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निगम को गुमराह करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।