शिकायत के आधार पर अपात्र बताकर अब किसी का भी नाम राशन कार्ड से न तो हटाया जा सकेगा और न सिफारिश पर जोड़ा जा सकेगा। ऐसा करने के लिए एसडीएम का अनुमोदन जरूरी है। ग्रामीण इलाकों के लिए एसडीएम यह अनुमोदन लेखपाल और ग्राम सचिव की जांच रिपोर्ट के आधार पर करेंगे।
ग्राम पंचायत चुनाव के बाद से जिला पूर्ति कार्यालय में पात्र और अपात्र होने संबंधी शिकायतें बढ़ गई हैं। परिवारों को पात्र बताते हुए राशन कार्ड जारी किए जाने के आवेदन और सिफारिशें भी बढ़ी हैं। इसके मद्देनजर पूर्ति विभाग ने पात्र सत्यापन और नया राशनकार्ड बनाने का अभियान चलाया है।
अभियान में करीब 11 हजार परिवार अपात्र पाए गए हैं। लिहाजा उनके राशनकार्ड भी निरस्त हुए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत व्यवस्था को पारदर्शी और फूलप्रूफ बनाया जा रहा है।