फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: BJP नेता की हत्या में शामिल शूटर पर रासुका, प्रधानी चुनाव में पर्चा दाखिला से पहले की थी वारदात

Sat, 15 Oct 2022 12:04 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि अपराधियों को कठोर कार्रवाई दिलाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। गंभीर मामलों में पुलिस रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई करवा रही है। डीएम की संस्तुति से रासुका लगा है।
 
विज्ञापन
बाएं भाजपा नेता बृजेश सिंह और शूटर राजवीर सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर जिले के गुलरिहा इलाके में दो अप्रैल 2021 को भाजपा नेता बृजेश सिंह की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी शूटर राजवीर सिंह उर्फ मलक सिंह पर रासुका के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस की रिपोर्ट पर डीएम ने शुक्रवार को संस्तुति दी है। शूटर पंजाब के अमृतसर जिले के सुल्तानविंद के तरन तारन रोड का मूल निवासी है। वर्तमान में लखीमपुर खीरी के कोतवाली इलाके के पहाड़ाबेहड़ में रहता है।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, प्रधानी चुनाव के पर्चा दाखिला के एक दिन पहले ही बृजेश सिंह की गुलरिहा इलाके के नरायनपुर गांव में उनके घर के पास ही बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पहले इस मामले को चुनावी रंजिश से जोड़कर देखा गया था और पुलिस ने नामजद केस दर्ज किया था, लेकिन जांच में मामला कुछ और ही निकला।

पुलिस ने इस मामले में शूटर राजवीर सिंह उर्फ मलक सिंह, वहीं के सतनाम सिंह, पिपराइच के बहादुर चौहान, जितेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि राजवीर व सतनाम ने गोली मारी थी। इन्हीं दोनों के निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल असलहा बरामद किया था।
विज्ञापन


 

Trending Videos
विज्ञापन

राजवीर पर दर्ज हैं नौ मुकदमे

राजवीर सिंह पर खीरी जनपद में हत्या, आपराधिक साजिश के पांच मुकदमे दर्ज हैं। बरेली में हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के दो केस दर्ज तो वहीं गोरखपुर के गुलरिहा में दो मुकदमे दर्ज हैं। गंभीर मुकदमों में उसके खिलाफ कुल 9 केस दर्ज हैं।

पुलिस अभिरक्षा से भागा था सतनाम सिंह
गोरखपुर पुलिस जब पंजाब में जाकर 14 अप्रैल 2021 को सतनाम सिंह को गिरफ्तारी की थी तो वह चकमा देकर फरार हो गया था। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर आने के लिए पेश करने वाली थी, तभी वह फरार हुआ था। बाद में बरेली पुलिस ने सतनाम और राजवीर को एक दूसरे मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस रिमांड पर लेकर गोरखपुर आई थी और असलहा बरामद की थी।

इनकी हुई थी गिरफ्तारी, यह थी भूमिका
पुलिस की जांच में पता चला था कि बृजेश सिंह जिस जमीन पर कैंप कार्यालय बनाए थे, उसका विवाद रामसमुझ से चल रहा था। बृजेश सिंह का जमीन पर कब्जा था, जबकि रामसमुझ कोर्ट में मुकदमा लड़ रहा था। करोड़ों की इस जमीन का पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल औराही टोला गजराज निवासी बहादुर चौहान और महराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के जडार गांव निवासी जितेन्द्र सिंह ने एग्रीमेंट करा लिया था। दोनों ने रामसमुझ से जमीन का 50 लाख में सौदा किया था। कुछ रुपये देकर इसका एग्रीमेंट भी किया था। पर उन्हें पता था कि बृजेश सिंह के रहते जमीन पर कब्जा संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने बृजेश सिंह को रास्ते से हटाने का साजिश रची थी।

पुलिस के मुताबिक, जितेन्द्र के संपर्क में पंजाब का शूटर राजवीर सिंह और सतनाम सिंह से था। वह लखमीपुर खीरी में हत्या करने के बाद जितेन्द्र और उसके रिश्तेदार के वहां भागकर कुछ दिन तक फरारी काट चुका था। जितेन्द्र ने बृजेश की हत्या के लिए राजवीर को सुपारी दी थी। राजवीर अपने साथी सतनाम सिंह के साथ आया था। फिर वारदात को अंजाम दिया गया था।

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि अपराधियों को कठोर कार्रवाई दिलाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। गंभीर मामलों में पुलिस रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई करवा रही है। डीएम की संस्तुति से रासुका लगा है।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें