राजवीर सिंह पर खीरी जनपद में हत्या, आपराधिक साजिश के पांच मुकदमे दर्ज हैं। बरेली में हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के दो केस दर्ज तो वहीं गोरखपुर के गुलरिहा में दो मुकदमे दर्ज हैं। गंभीर मुकदमों में उसके खिलाफ कुल 9 केस दर्ज हैं।
पुलिस अभिरक्षा से भागा था सतनाम सिंह
गोरखपुर पुलिस जब पंजाब में जाकर 14 अप्रैल 2021 को सतनाम सिंह को गिरफ्तारी की थी तो वह चकमा देकर फरार हो गया था। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर आने के लिए पेश करने वाली थी, तभी वह फरार हुआ था। बाद में बरेली पुलिस ने सतनाम और राजवीर को एक दूसरे मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस रिमांड पर लेकर गोरखपुर आई थी और असलहा बरामद की थी।
इनकी हुई थी गिरफ्तारी, यह थी भूमिका
पुलिस की जांच में पता चला था कि बृजेश सिंह जिस जमीन पर कैंप कार्यालय बनाए थे, उसका विवाद रामसमुझ से चल रहा था। बृजेश सिंह का जमीन पर कब्जा था, जबकि रामसमुझ कोर्ट में मुकदमा लड़ रहा था। करोड़ों की इस जमीन का पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल औराही टोला गजराज निवासी बहादुर चौहान और महराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के जडार गांव निवासी जितेन्द्र सिंह ने एग्रीमेंट करा लिया था। दोनों ने रामसमुझ से जमीन का 50 लाख में सौदा किया था। कुछ रुपये देकर इसका एग्रीमेंट भी किया था। पर उन्हें पता था कि बृजेश सिंह के रहते जमीन पर कब्जा संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने बृजेश सिंह को रास्ते से हटाने का साजिश रची थी।
पुलिस के मुताबिक, जितेन्द्र के संपर्क में पंजाब का शूटर राजवीर सिंह और सतनाम सिंह से था। वह लखमीपुर खीरी में हत्या करने के बाद जितेन्द्र और उसके रिश्तेदार के वहां भागकर कुछ दिन तक फरारी काट चुका था। जितेन्द्र ने बृजेश की हत्या के लिए राजवीर को सुपारी दी थी। राजवीर अपने साथी सतनाम सिंह के साथ आया था। फिर वारदात को अंजाम दिया गया था।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि अपराधियों को कठोर कार्रवाई दिलाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। गंभीर मामलों में पुलिस रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई करवा रही है। डीएम की संस्तुति से रासुका लगा है।