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Gorakhpur News: राजस्थान में बन रहा रसगुल्ला...गोरखपुर में ब्रांडेड लेवल लगाकर बेच रहे धंधेबाज

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हल्दी।अमर उजाला
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खोआ मंडी में बुधवार को पकड़ा गया था डिब्बे वाला रसगुल्ला
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मिल्क क्रीम की जगह बेच रहे थे वेजिटेबल ऑयल, बैन होगी फर्म



सहालग में रसगुल्ला और मिल्क क्रीम की रहती है डिमांड, फायदा उठा रहे धंधेबाज



अमर उजाला ब्यूरो



गोरखपुर। सहालग के समय में मिठाइयों की बढ़ी डिमांड का फायदा उठाने के लिए मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। बुधवार को खोआ मंडी में बड़ा मामला सामने आया, जहां अधिकारियों ने छापा मारकर मिलावटी रसगुल्ले के डिब्बे बरामद किए। जांच में पता चला कि ये रसगुल्ले राजस्थान में तैयार किए जा रहे थे लेकिन गोरखपुर में बैठकर स्थानीय ब्रांडों का लेवल लगाकर धंधेबाज इन्हें असली बताकर बाजार में बेच रहे थे।



टीम को मौके से एक किलो के डिब्बे और 15 किलो के बड़े टिनशेड पैक बरामद हुए, जिन पर लोकल ब्रांड का स्टिकर लगा था। पूरा माल राजस्थान की एक फैक्टरी से ट्रकों के जरिये शहर में लाया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि अब तक कुछ बड़े ब्रांड ही डिब्बे में रसगुल्ला बेचते थे।
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सूत्रों ने बताया कि राजस्थान से आया रसगुल्ला होलसेल में करीब 3.5 रुपये प्रति पीस पड़ता है। यहां पर उसके डिब्बे में बस लेवल लगाकर दुकानदार बेच देते हैं। इमसें उनको मोटा मुनाफा हो जाता है। बताया जा रहा है कि इस तरह के कई व्यापारी हैं जो बाजार में ये रसगुल्ले बेच रहे हैं। सहालग में इनकी मांग काफी अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर ये छोटी दुकानों पर खपाए जाते हैं।



छापे के दौरान बुधवार को टीम को ऐसे कंटेनर मिले जिन पर ‘मिल्क क्रीम’ लिखा था लेकिन अंदर वेजिटेबल ऑयल भरा था। यह वेजिटेबल ऑयल स्थानीय होटलों, मिठाई की दुकानों और फास्ट फूड आउटलेट्स को शुद्ध क्रीम बताकर बेचा जा रहा था। दिल्ली की कंपनी इसे बेच रही थी और बस्ती से इसकी सप्लाई की जा रही थी।



अधिकारियों ने बताया कि मिल्क क्रीम की भारी मांग के चलते यह धंधा तेजी पकड़ रहा था। विशेष रूप से विवाह के समय में रसगुल्ला, मिल्क क्रीम, खोआ और दूध उत्पादों की खपत कई गुना बढ़ जाती है, जिसके चलते मिलावटखोरों को बड़ा बाजार मिल जाता है।
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छोटी दुकानों में होती थी पैकिंग, बड़ी मात्रा में खपा रहे थे माल



सूत्रों ने बताया कि धंधेबाज बड़े गोदामों के बजाय छोटी दुकानों और गली-मोहल्लों में स्थित काॅमर्शियल शॉप को पैकिंग सेंटर के रूप में इस्तेमाल करते हैं। वहीं पर राजस्थान से आए खुले माल को डिब्बों में भरकर स्थानीय ब्रांड के लेबल चिपकाए जाते हैं। साल के इस समय सहालग और शादियों का पीक सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में रसगुल्ला और मिल्क क्रीम की भारी खपत होती है। बड़े होटलों से लेकर मिठाई की दुकानों तक हर जगह ऑर्डर बढ़ जाते हैं।

हल्दी।अमर उजाला

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