गोरखपुर। मधुमेह आमतौर पर किडनी, आंखों और नसों को नुकसान पहुंचाने का कारण बनती है लेकिन कुछ लोगों में अनियंत्रित ब्लड शुगर का असर सीधे मस्तिष्क पर भी पड़ सकता है। इसका एक दुर्लभ उदाहरण एम्स में सामने आया, जहां एक महिला का दाहिना पैर शुगर लेवल बढ़ने से अचानक अपने आप लगातार हिलने लगा। महिला चाहकर भी इस हरकत को रोक नहीं पा रही थी।
महिला को इलाज के लिए एम्स के इंडोक्रायनोलॉजी विभाग में भर्ती किया गया। जांच में पता चला कि उसका ब्लड शुगर स्तर अत्यधिक बढ़ा हुआ था। इंडोक्रायनोलॉजी विभाग के डॉ. देबादित्य दास ने विस्तृत जांच के बाद इसे डायबिटिक स्ट्रायटोपैथी नामक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल स्थिति के रूप में पहचाना।
डॉ. देबादित्य दास ने बताया कि मरीज का शुगर स्तर नियंत्रित करने के लिए तुरंत उपचार शुरू किया गया। जैसे-जैसे ब्लड शुगर सामान्य स्तर पर आई, वैसे-वैसे पैर की अनियंत्रित हरकतें भी कम होती गईं और पूरी तरह समाप्त हो गईं। मरीज अब स्वस्थ है।
डायबिटीज के मरीजों में अगर ऐसे लक्षण दिखें तो न करें नजरअंदाज
यदि किसी डायबिटीज मरीज में अचानक हाथ या पैर अपने आप हिलने लगें, चेहरे पर अनियंत्रित हरकतें दिखाई दें या शरीर का कोई हिस्सा बिना इच्छा के बार-बार हिलने लगे तो इसे सामान्य कमजोरी या नसों की समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। डॉ. देबादित्य दास ने बताया कि डायबिटीज के मरीज नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच कराएं, दवाएं समय पर लें, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम अपनाएं और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार इलाज जारी रखें। समय रहते शुगर नियंत्रण में रखने से इस तरह की दुर्लभ लेकिन गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
क्या होता है डायबिटिक स्ट्रायटोपैथी?
डायबिटिक स्ट्रायटोपैथी मधुमेह की एक अत्यंत दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल जटिलता है। यह आमतौर पर तब होती है जब ब्लड शुगर बहुत अधिक बढ़ जाती है और उसका असर मस्तिष्क के बेसल गैन्ग्लिया पर पड़ता है। इसके कारण शरीर के किसी एक हिस्से अक्सर हाथ, पैर या चेहरे में अनियंत्रित, तेज और बार-बार होने वाली हरकतें शुरू हो जाती हैं। इन्हें मरीज अपनी इच्छा से रोक नहीं पाता।
मुख्य लक्षण
- हाथ या पैर का अपने आप लगातार हिलना।
- शरीर के एक हिस्से में अनियंत्रित झटके या हरकतें।
- चेहरे की अनियंत्रित गतिविधियां।
- चलने-फिरने में कठिनाई।