पंडित शरद चंद्र मिश्रा और ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन ने बताया कि राखी के शुभ मुहूर्त की शुरुआत बृहस्पतिवार की रात 8 बजकर 26 मिनट से हो गई थी, जो शुक्रवार की सुबह सात बजकर 26 मिनट तक था।
भाई बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। बहनें स्नेह की डोर बांधकर भाइयों की कलाइयां सजा रही हैं। वहीं बृहस्पतिवार की रात भद्रा समाप्त होने के बाद शुभ मुहूर्त में कुछ बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी।
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पंडित शरद चंद्र मिश्रा और ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन ने बताया कि राखी के शुभ मुहूर्त की शुरुआत बृहस्पतिवार की रात 8 बजकर 26 मिनट से हो गई थी, जो शुक्रवार की सुबह सात बजकर 26 मिनट तक था।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को राखी बांधना किसी तरीके से गलत नहीं है। ऐसे में बहन अपने भाइयों को सुबह शुभ मुहूर्त के बाद भी राखी बांधी हैं। बताया कि इस समय सौभाग्य योग भी है। जो, भाई और बहनों को लंबी आयु प्रदान करेगा।
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ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, राखी बांधते समय भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए। सर्वप्रथम बहन को अपनी अनामिका अंगुली से भाई के मस्तक पर रोली का तिलक लगाकर अक्षत अर्थात साबुत चावल लगाने चाहिए। इसके बाद भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए उसके मंगल की कामना करनी चाहिए। भाई को भी बहन की रक्षा का प्रण लेते हुए उसे उपहार भेंट करना चाहिए।