रक्षाबंधन पर्व पर इस बार कोरोना का संकट मंडरा रहा है, तो इंडो-नेपाल बॉर्डर की सील सीमा दीवार बन गई है। अब तो ज्यादातर बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के बजाए पोस्ट ऑफिस की सहारा ले रही है। जबकि वही जिले से सटे नेपाल राष्ट्र के अन्य जिलों में भारत की बहनें भाइयों के घर इन बार नहीं आ रही हैं जिससे वे मायूस हैं।
बहनें ससुराल में हो या फिर पति के साथ परदेश। लेकिन रक्षाबंधन के दिन भाई के घर जा कर शुभ मुहूर्त में रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा को हर हाल में निभाती है। लेकिन इस बार कोरोना एवं भारत नेपाल की सील सीमा ने बहनो को मुश्किल में डाल दिया है।
इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते ज्यादातर बहनें चाह कर भी भाइयों के घर नहीं जा पा रही हैं। ऐसे में बहनें डाकखाने से राखी पोस्ट कर भाइयों के घर भेज रही हैं। हालांकि कोरोना संक्रमण को देखते हुए इंडो-नेपाल बॉर्डर महीनों से सील है। दोनों देशों के सुरक्षाबलों द्वारा कड़ी निगरानी कर रहे हैं। भारत से कई बहनें की शादी नेपाल राष्ट्र में हुई है। तो नेपाल राष्ट्र के कई बहनों की शादी भारत के सीमावर्ती इलाकों सहित अन्य शहरों में हुई है।