रेलकर्मियों को इस महीने से 17 की जगह 28 फीसदी महंगाई भत्ता (डीए) मिलेगा। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक, वेतन आयोग एमके गुप्ता ने 20 जुलाई को सभी महाप्रबंधकों को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता देने के लिए आदेश जारी कर दिया है। पूर्वोत्तर रेलवे में ही करीब 54 हजार रेलकर्मियों को इसका फायदा मिलेगा।
कार्यकारी निदेशक ने आदेश में स्पष्ट किया है कि एक जनवरी 2020 से जनवरी 2021 तक की तीन किस्तें 17 प्रतिशत ही रहेंगी। इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (पीआरकेएस) के प्रवक्ता एके सिंह ने बताया कि 28 प्रतिशत महंगाई भत्ता का भुगतान केवल मूल वेतन पर ही होगा। इसमें विशेष और प्रतिनियुक्ति पर मिलने वाले वेतन के हिस्से की गणना नहीं की जाएगी।
एरियर भुगतान पर फैसला न होने से निराशा
पीआरकेएस के महामंत्री विनोद राय ने महंगाई भत्तों व एरियर पर केंद्र सरकार द्वारा कोई फैसला नहीं लेने पर आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि फ्रीज महंगाई भत्ता के एरियर के भुगतान के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियल रेलवेमेन (एनएफआईआर) के महामंत्री डॉ. एम राघवैया के नेतृत्व में शीघ्र ही सभी ट्रेड यूनियन संगठनों की बैठक होगी जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बकाया वेतन, पेंशन के लिए दूसरे दिन भी जारी रहा सत्याग्रह
बकाया वेतन एवं पेंशन भुगतान के लिए सोमवार से चल रहा जल निगम कर्मियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सत्याग्रह आंदोलन दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। कृष्ण शेखर श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जल निगम के संबंध में फरवरी से जुलाई तक चार बैठक कीं। मगर आला अफसर उनके आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। इस दौरान राधारमण शुक्ला, धर्म प्रकाश माहेश्वरी, संदीप सिंह, चंद्र प्रकाश शर्मा, संदीप सिंह, चंद्र प्रकाश शर्मा, नितेश नायक, सुमित श्रीवास्तव, देवेंद्र गुप्ता, मिथिलेश उपाध्याय, रवि प्रताप पांडेय, अखिलेश, शंकर दुबे, राघवेंद्र प्रताप शुक्ला, संतोष यादव, राम अधीन सिंह, बसंत यादव, सुरेश चौहान, अरविंद, सत्येंद्र शर्मा, सुशीला, इंद्रावती, जगदीश्वर, समरेंद्र सिंह, लालमन आदि उपस्थित रहे।