रेलवे स्टेशन परिसर और क्रासिंग अब सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। स्टेशनों के आसपास की खाली जमीन पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसके अलावा गेटमैन के केबिन पर भी सोलर पैनल लगेंगे। इसके लिए पूर्वोत्तर रेलवे को 915 करोड़ रुपये मिले हैं। रेल प्रशासन ने सोलर पैनल लगाने की तैयारी शुरू कर दी है।
पूर्वोत्तर रेलवे ने ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ाया है। सभी स्टेशन और समपार फाटक अब सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। इसके लिए रेलवे के सभी भवनों और प्लेटफार्म की छत के अलावा खाली पड़ी जमीनों को चिन्हित किया जा रहा है। गोरखपुर में धर्मशाला के पास खाली जमीन की नापी भी कराई गई है। इससे खाली जमीनों पर कब्जा भी नहीं होने पाएगा।
सौर ऊर्जा से जगमगा रहा आफिसर्स रेस्ट हाउस
पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर का आफिसर्स रेस्ट हाउस सौर ऊर्जा से ही जगमगा रहा है। इसके लिए 10 केडब्ल्यूपी (किलो वॉट पीक) का ग्रिड कनेक्टेड सोलर पैनल लगाया गया है। प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर और प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक कार्यालय भवन की छत पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। 300 केडब्ल्यूपी क्षमता के सोलर पैनल यांत्रिक कारखाना में स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न मंडलों के 12 स्टेशनों पर दस-दस केडब्ल्यूपी क्षमता के सोलर प्लांट लगाए गए हैं। महाप्रबंधक कार्यालय के भवन पर भी सोलर पैनल लगाए गए हैं।
सोलर ऊर्जा से चल रहे हैं खलीलाबाद स्टेशन के यूटीएस
खलीलाबाद स्टेशन के जनरल टिकट काउंटर (यूटीएस) सौर ऊर्जा से ही संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा रेलवे सुरक्षा बल के रजही कैंप में 20-20 वाट की 14 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। इज्जतनगर मंडल की न्यू माडल कालोनी भी सोलर ऊर्जा से रोशन हो रही है। लखनऊ मंडल के 100 से ज्यादा मानव सहित समपार फाटकों पर सोलर लालटेन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।