पूर्वोत्तर रेलवे में टेक्नीशियन पद पर चयनित करीब 60 अभ्यर्थियों को दो वर्ष बाद भी तैनाती नहीं दी गई है। इन अभ्यर्थियों की मेडिकल जांच कराने के बाद दस्तावेजों का सत्यापन तक करा लिया गया है। नाराज अभ्यर्थियों ने रेलवे भर्ती बोर्ड कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और महाप्रबंधक कार्मिक को भी ज्ञापन सौंप कर पैनल नियुक्त कर तैनाती कराने की मांग की।
रेलवे प्रशासन ने जनवरी 2018 में 1764 पदों पर टेक्नीशियन की भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू की। परीक्षा कराने के बाद उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का मेडिकल जांच जून व जुलाई 2019 में कराया गया। इसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन हुआ। रेलवे भर्ती बोर्ड का दावा है कि पैनल जारी करके 95 प्रतिशत भर्ती कर ली गई है। सिर्फ पांच प्रतिशत ही पद रिक्त हैं। जबकि अभ्यर्थियों का कहना है कि तीन सौ से ज्यादा लोगों को दौड़ाया जा रहा है।
बहरहाल, मंगलवार को जुटे करीब 40 अभ्यर्थियों ने रेल यूनियन पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ कार्यालय पर जाकर मदद मांगी है। महामंत्री विनोद राय ने उन्हें आश्वस्त किया कि अगर सप्ताह भर में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो मामले को महाप्रबंधक के सामने उठाया जाएगा।
दो वर्ष हो गए अभी बेरोजगार हैं
अभ्यर्थी सुजीत चौधरी ने बताया कि रिजल्ट निकले दो वर्ष हो गए हैं। कई बार अधिकारियों से मिला गया। हर बार आश्वासन ही मिलता है। नौकरी पाकर भी हम बेरोजगार हैं। इस बार भी आश्वासन ही मिला है।
हमें तो न्याय चाहिए
अभ्यर्थी विकास गुप्ता ने बताया कि हम लोगों के साथ न्याय होना चाहिए। बहुत सारे अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो गई और वे काम भी कर रहे हैं। हम लोगों को छांट दिया गया है। आखिर हमारा कसूर क्या है? परीक्षा उत्तीर्ण तो हम भी हुए हैं।
गोरखपुर के रेलवे भर्ती बोर्ड के चेयरमैन पीके राय ने बताया कि भर्ती बोर्ड के तहत टेक्नीशियन पद पर भर्ती प्रक्रिया हुई है। सिर्फ पांच प्रतिशत अभ्यर्थियों की तैनाती बाकी है। सोमवार तक पैनल घोषित करके भर्ती प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।