यूपी में रेल परियोजनाओं को अब रफ्तार मिलेगी। रेल बजट में वर्ष 2020-21 में स्वीकृत दोहरीकरण और नई लाइन बिछाने के लिए 8576 करोड़ रुपये मिले हैं। यह हर वर्ष मिलने वाली धनराशि औसतन 1109 करोड़ रुपये से 673 प्रतिशत ज्यादा है।
रेलवे की इन स्वीकृत परियोजनाओं में गोरखपुर-वाल्मिकीनगर, बिल्ली-चुनार एवं मुरादाबाद-चंदौसी खंडों के दोहरीकरण एवं हरदोई-गुरूसहायगंज नई रेल लाइन का कार्य शामिल है।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे पर पूर्व में स्वीकृत एवं चल रही दोहरी लाइन परियोजनाओं के लिए 1400 करोड़ रुपये, नई लाइन निर्माण के लिए 240 करोड़ रुपये एवं आमान परिवर्तन के लिए 220 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। पर्याप्त धनराधि मिलने से परियोजनाएं समय से पूरी होंगी।
इन प्रमुख कार्यों को मिलेगी गति
दोहरी लाइन निर्माण परियोजनाओं में छपरा-बलिया (65 किमी.), बलिया-गाजीपुर सिटी (65.1 किमी.), गाजीपुर सिटी-औड़िहार (40 किमी.), रोजा-सीतापुर कैण्ट-बुढ़वल (180.8 किमी.), वाराणसी-माधोसिंह-इलाहाबाद (120.2 किमी.), फेफना-इन्दारा एवं मऊ-शाहगंज (150.28 किमी.), भटनी-औड़िहार (125 किमी.), औड़िहार-जौनपुर (60 किमी.), मल्हौर-डालीगंज (12.6 किमी.), डोमिनगढ़-गोरखपुर-कुसुम्ही तीसरी रनिंग लाइन एवं गोरखपुर-नकहा जंगल (21.15 किमी.), बुढ़वल-गोंडा तीसरी लाइन (6107 किमी.) तथा नई लाइन निर्माण के तहत ताड़ीघाट-गाजीपुर-मऊ(51 किमी.) का कार्य शामिल है। आमान परिवर्तन के अंतर्गत लखनऊ-पीलीभीत, इंदारा-दोहरीघाट एवं पीलीभीत-शाहजहांपुर खंडों के कार्य के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराया गया है।