कोविड-19 के चलते करीब पांच महीने तक घर से ड्यूटी (वर्क फ्रॉम होम) करने वाले रेलकर्मियों को यात्रा भत्ता नहीं मिलेगा। रेलवे बोर्ड के इस फैसले से देश भर में हजारों रेल कर्मचारियों को झटका लगा है। रेलकर्मियों की ओर से यात्रा भत्ते को लेकर आवेदन के बाद रेलवे बोर्ड ने हाल ही स्थिति साफ की है। सभी क्षेत्रीय रेलवे को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
देश भर में जब कोविड-19 की भयावहता बढ़ी थी तब रेलवे में भी कामकाज बंद कर दिया गया था। ट्रेनों का संचालन बंद था। दफ्तरों में पहले 25 फीसदी, बाद में 50 फीसदी रेलकर्मियों को बुलाया गया। बाकी कर्मचारी घर से ही काम कर रहे थे। इसमें मुख्यालय व मंडल कार्यालयों में तैनात ऐसे रेलकर्मी शामिल थे, जो कुछ दूरी पर जाकर ड्यूटी करते हैं। ऐसे कर्मचारियों ने यात्रा भत्ता क्लेम किया। पूर्व में ड्यूटी के दौरान उन्हें यात्रा भत्ता मिलता रहा है।