मोबाइल फोन से भी कर सकेंगे संचालन
कंप्यूटर आधारित तकनीक में इस सिस्टम को मोबाइल फोन से भी संचालित कर सकेंगे। इसकी मॉनीटरिंग अधिकारी कहीं भी रहकर कर सकेंगे। अगर किसी कोच में पानी नहीं भरा जाता है, इसकी जानकारी तत्काल अधिकारियों को हो जाएगी।
ऐसे काम करता है क्विक वाटरिंग सिस्टम
क्विक वाटरिंग सिस्टम में 4 सेंट्री फ्यूगल पंपों के दो सेट होते हैं। जिनमें से प्रत्येक में तीन पंप चालू रहते हैं, जबकि एक पंप को स्टैंड बाय के रूप में रखा जाता है। प्रत्येक पंप की क्षमता 35 मीटर हेड के साथ 200 घन मीटर प्रति घंटे की होती है।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे पंकज कुमार सिंह ने कहा कि गोरखपुर रेलवे स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्मों पर कैरेज फिलिंग के लिए क्विक वाटरिंग की व्यवस्था की जा रही है, जिससे कोच में पानी भरने में मात्र छह मिनट का समय लगेगा। इस पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग ऑनलाइन की जा सकेगी।सभी कार्य लगभग पूर्ण हो गए हैं, फाइनल टेस्टिंग की प्रक्रिया चल रही है।